बिजली का बिल भरने के लिए घर से निकली थी अनीता
इस पूरे मामले की शुरुआत 15 अप्रैल को हुई थी, जब एक महिला बिजली का बिल भरने के लिए घर से निकली और घर वापिस नहीं गयी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब वह नहीं मिली तो उनके बेटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके दो दिन बाद 17 अप्रैल को महिला का शव कबूलपुर मोहल्ला के पास एक गंदे नाले में बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत 17 अप्रैल को ही प्राथमिकी दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी।
आरोपी का पिता ने भी दिया था भगाने में साथ
पुलिस ने18 अप्रैल को ब्रहमजीत के पिता जगविंद्र को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में कबूला कि उसने वारदात के बाद अपने बेटे को मोटरसाइकिल पर बैठाकर पलवल तक छोड़ा था ताकि वह पुलिस की पकड़ से दूर रह सके। पिता से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी तेज की और आखिरकार 21 अप्रैल को मुख्य आरोपी ब्रहमजीत को दबोच लिया।
आरोपी ब्रहमजीत ने कबूला जुर्म
पूछताछ के दौरान ब्रहमजीत ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसकी दोस्ती महिला से हुई थी और उनके बीच प्रेम संबंध बन गए थे। हालांकि, जनवरी 2025 में ब्रहमजीत की शादी हो गई, जिसके बाद उसने महिला से दूरी बनानी शुरू कर दी। अनीता इस बात से नाराज थी और उसे लगातार मिलने के लिए दबाव बना रही थी।
मिलने के बहाने बुलाकर किया मर्डर
इसी विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए ब्रहमजीत ने महिला को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 15 अप्रैल को वह महिला को बहाने से बिजली बोर्ड ले गया और वहां से उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर धतीर की तरफ जाने वाले गंदे नाले के पास जंगल में ले गया। वहां उसने महिला को जमीन पर गिरा दिया और उसकी गर्दन पर पैर रखकर तब तक दबाए रखा जब तक उसकी हत्या हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने पहचान छुपाने के लिए मृतका के कपड़े उतार दिए और शव को नाले में फेंक कर फरार हो गया। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है।