1.50 करोड़ की लागत से लगाए जाएंगे पौधे, मानसून में भरपूर मात्रा में मिल सकेगा पानी
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। प्रदूषण और तेजी से घटती हरियाली की चुनौतियों के बीच फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने आठ प्रमुख सड़कों को हरा-भरा बनाने का बीड़ा उठाया है। करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत वाली यह बागवानी योजना अब अमल में आ गई है। इसका उद्देश्य न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाना है, बल्कि प्रदूषण पर नियंत्रण और नागरिकों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना भी है।
एफएमडीए के अधिकारियों के अनुसार, एक साल तक चलने वाली इस परियोजना में पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई, कटाई-छंटाई, उर्वरक डालने और जहां पौधे सूख चुके हैं, वहां नए पौधों का रोपण किया जाएगा। पहली बार इतने व्यवस्थित ढंग से हरियाली संवारने का काम हो रहा है। वहीं जानकारों का कहना है कि मानसून शुरू होने पर यह काम शुरू हो रहा है इसलिए जमीनी स्तर पर इसका लाभ अधिक होगा। मानसून के दौरान होने वाली बारिश नए पौधों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी वहीं सूखे पौधे हटाकर लगाई गए नई पौध को भी मानसून से काफी फायदा मिलेगा। छोटे पौधों को मानसून के दौरान भरपूर मात्रा में पानी मिल जाएगा जिससे उनके बड़े होने की उम्मीद अधिक रहेगी।
परियोजना की शुरुआत में आठों सड़कों का विस्तृत सर्वे कराया गया। जहां 25% से ज्यादा पौधे खराब मिले, वहां पौधरोपण का विशेष प्रावधान किया गया। जिन इलाकों में मिट्टी की गुणवत्ता कमजोर है, वहां ऑर्गेनिक खाद और अन्य पोषक तत्व डाले जा रहे हैं। एफएमडीए ने हर सड़क के लिए अलग टीम बनाईं हैं। ये टीमें नियमित अंतराल पर पौधों की कटाई-छंटाई और सिंचाई कर रही हैं। मानसून में नमी का अधिकतम लाभ लेने की रणनीति तैयार की गई है, ताकि पौधे तेजी से विकसित हो सकें।
कार्य की समय-समय पर होगी समीक्षा
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि काम की साप्ताहिक समीक्षा होगी। ठेकेदारों को निर्देश हैं कि कहीं भी मानकों से समझौता न हो। यदि किसी इलाके में पौधे सूखते पाए गए तो तुरंत उनकी जगह नए पौधे लगाए जाएंगे। विभाग ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अगर नागरिक पौधों को नुकसान होते देखें या पानी की कमी की सूचना दें तो विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा। नागरिकों की निगरानी से ही योजना सफल हो पाएगी।
लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी
इस परियोजना का ठेका मार्च में पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से दिया गया। अप्रैल के पहले सप्ताह तक सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। ठेकेदार को स्पष्ट हिदायतें दी गई हैं कि काम तय समय सीमा में ही हो। किसी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग के मुताबिक, मानसून के बाद जब पौधे जड़ें मजबूत कर लेंगे, तो हरियाली का असर साफ नजर आएगा। नागरिकों को स्वच्छ वातावरण के साथ-साथ प्रदूषण में कमी और बेहतर सौंदर्य भी मिलेगा। शहर के जिम्मेदार नागरिकों की भागीदारी से यह योजना एक स्थायी बदलाव ला सकती है।
शहर में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए विभाग की तरफ से लगातार काम किया जा रहा है। आने वाले समय में और भी योजनाएं शुरू होंगी। - देवेंद्र भड़ाना, एक्सईएन, एफएमडीए