- डॉ. नसीब ने बताया कि 100 में से लगभग 2 मरीज निकल रहे पॉजिटिव
- इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस की थीम मलेरिया हमारे साथ समाप्त होता है : पुनर्निवेश, पुनर्कल्पना, पुनर्जीवन है
पलवल। जिले में स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस वर्ष मलेरिया के मरीजों की संख्या में लगभग 30% की कमी दर्ज की गई है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि इस महीने में भी केवल एक-दो मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले कम हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए सतर्क रहें और ''''ड्राई डे'''' हर रविवार को मनाएं, जिसमें पानी जमा न होने दें।
लैब इंचार्ज डॉ. नसीब ने बताया कि गर्मियों में पलवल सिविल अस्पताल में रोजाना 10 से 15 लोग मलेरिया की जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अब तक सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। हर 100 जांच में लगभग दो मलेरिया पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, जो कि नियंत्रण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। सीएमओ की ओर से जिले में मलेरिया जांच व इलाज की पूरी व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
आपको बता दें कि मलेरिया का वक्त रहते सही इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। आज भी मलेरिया की वजह से दुनियाभर में लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। मच्छरों से फैलने वाली यह बीमारी भारत जैसे देशों में ज्यादा फैलती है। हर साल 25 अप्रैल को वर्ल्ड मलेरिया डे मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस की थीम मलेरिया हमारे साथ समाप्त होता है : पुनर्निवेश, पुनर्कल्पना, पुनर्जीवन है। यह थीम बताती है कि समय के साथ अब मलेरिया के खिलाफ जंग के लिए नई सिरे से प्रतिबद्धता, नवाचार और सहयोग की जरूरत है।
जिले में मलेरिया के आंकड़े -
2023: पलवल जिले में मलेरिया के 99 मामले दर्ज किए गए।
2024 (अप्रैल तक) : मामलों की संख्या बढ़कर 182 हो गई।
2025 में अप्रैल तक - अब तक 4 मरीज
गर्मियों में बढ़ सकता है मलेरिया का प्रकोप-
लैब इंचार्ज डॉ. नसीब ने बताया कि फिलहाल भले ही मलेरिया के मामले कम हैं, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आने वाले समय में मलेरिया के केस बढ़ सकते हैं। गर्मियों में जलभराव ज्यादा होता है और मच्छरों की संख्या में तेजी आती है, जिससे मलेरिया के मामले बढ़ सकते हैं। समय रहते जागरूकता और साफ-सफाई से ही इस पर नियंत्रण संभव है।
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हमने जिले में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में मलेरिया जांच की सुविधा उपलब्ध करवा दी है। साथ ही फॉगिंग और लार्वा नियंत्रण अभियान भी जारी है। हमारी अपील है कि लोग अपने आसपास साफ-सफाई रखें और बुखार की स्थिति में तुरंत जांच करवाएं। - डॉ. नवीन गर्ग, जिला मलेरिया अधिकारी, पलवल
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मलेरिया के लक्षण
मलेरिया के लक्षण 10-15 दिन बाद दिखाई देते हैं। मलेरिया के सबसे आम लक्षणों में से एक तेज बुखार है। इसके अलावा कंपकंपी, ठंड लगना, पसीना, सिरदर्द, थकान, उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
मलेरिया से बचाव के घरेलू उपाय-
1. नीम के पत्तों को पानी में उबालकर पीने से मलेरिया के वायरस कम करने में असरदार होता है।
2. गिलोय का सेवन करना फायदेमंद होता है। गिलोय इम्यूनिटी बूस्ट करने का काम करती है।
3. मलेरिया या अन्य बुखार में राहत पाने के लिए धनिया भी बहुत ही फायदेमंद होता है। धनिया के बीजों को पानी में उबालकर पीने से बुखार और थकान में राहत मिलती है।
4. बिस्तरों पर मच्छरदानी लगाएं।
5. खिड़कियों और दरवाजों पर जालियां लगाएं।
6. अपनी त्वचा को ढकने के लिए लंबी पेंट और लंबी आस्तीन वालें कपड़े पहनें।