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Faridabad News: जिले में पानी-सीवर पर खर्च होंगे 3600 करोड़

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पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, एसटीपी, जल निकासी व्यवस्था और जोहड़ों को पुनर्जीवित करने के कार्य होंगे
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नगर निगम आयुक्त ने कैबिनेट मंत्री राजेश नागर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में दी जानकारी

अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। शहर की बिगड़ी जल संरचना और भूजल स्तर को सुधारने के लिए नगर निगम को अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय सहायता मिलने जा रही है। 16वें वित्त आयोग के तहत करीब 3600 करोड़ रुपये का फंड जल संरचना परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा। इसका उपयोग पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, एसटीपी, जल निकासी व्यवस्था और जोहड़ों के पुनर्जीवन जैसे कार्यों में किया जाएगा। इसकी जानकारी नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कैबिनेट मंत्री राजेश नागर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में दी।

बैठक में मंत्री राजेश नागर ने कहा कि ग्रेटर फरीदाबाद में सड़क, पेयजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाए और जिन कार्यों की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
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एक सप्ताह के भीतर क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची करें तैयार: मंत्री

बैठक में सेक्टर-37 सहित विभिन्न सेक्टरों की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में पंप ऑपरेटरों के पुनर्विन्यास के कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई थी। इस पर मंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी सेक्टर में पेयजल संकट लंबित नहीं रहना चाहिए और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। सड़कों की बदहाल स्थिति भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रही। मंत्री ने सेक्टर-37, 73, 75, 76, 81, 84 और 85 सहित कई क्षेत्रों में टूटी सड़कों, गड्ढों और जलभराव की शिकायतों पर चिंता जताई। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार कर मरम्मत की समयसीमा तय करने के निर्देश दिए। जिन सड़कों का हैंडओवर नहीं हुआ है, उनकी जिम्मेदारी तय करने को भी कहा गया।

रखरखाव की जिम्मेवारी डेवलपर की होगी

बैठक में लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों के डेवलपर्स की जवाबदेही पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 24 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें, पार्क, स्ट्रीट लाइट, सफाई और जल निकासी जैसी सुविधाओं का रखरखाव संबंधित डेवलपर की जिम्मेदारी है। अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट देने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ग्रेटर फरीदाबाद की कई सोसाइटियों में कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क और बिजली कनेक्शन काटने की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि यदि उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिल जमा कर रहे हैं तो बिना वैधानिक प्रक्रिया के कनेक्शन काटना स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायतों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
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खुले सीवरेज में अपशिष्ट जल छोड़ने पर होगी कार्रवाई

सीवरेज और पर्यावरण संरक्षण को लेकर मंत्री ने कहा कि सभी लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में कार्यशील एसटीपी होना अनिवार्य है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, डीटीपी और जन स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से एसटीपी की कार्यशीलता की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। साथ ही अवैध रूप से नालों और खुले क्षेत्रों में सीवरेज या अपशिष्ट जल छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सीवरेज टैंकरों का पंजीकरण और जीपीएस आधारित निगरानी व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में पार्कों और सामुदायिक सुविधाओं की निगरानी के लिए एफएमडीए, डीटीपी और नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उपायुक्त आयुष सिन्हा, नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा, एचएसवीपी प्रशासक धीरज, एडीसी अंजलि श्रोत्रिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





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