परियोजना से पूरे क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक ताने-बाने को नई दिशा मिलेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे। यह एक्सप्रेसवे न केवल जिले को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक ताने-बाने को भी नई दिशा देगा। खासकर मोहना, हीरापुर, अटेरणा, जवा, कुलीना, नरियाला, पन्हेड़ा, छांयसा जैसे दर्जनों गांवों के लिए यह परियोजना एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए केजीपी एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पिलर खड़े करने का काम पूरा हो चुका है। अब यहां पर स्टील के भारी भरकम गर्डर रखने की तैयारी अंतिम चरण में है। मोहना गांव के पास स्थापित साइट पर गर्डर पहुंच चुके हैं और अब शीघ्र ही उन्हें रखने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। केजीपी एक्सप्रेसवे के ऊपर स्टील स्ट्रक्चर से गर्डर लांच किए जाएंगे, जिससे भारी यातायात को सहारा मिल सके।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धीरज के अनुसार जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है। मोहना के पास बन रहे इंटरचेंज के लिए पिलर खड़े किए जा चुके हैं और कई हिस्सों में गर्डर भी रखे हो चुके हैं। केजीपी एक्सप्रेसवे के ऊपर के हिस्से में बड़े स्टील गर्डर रखने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
ट्रैफिक डायवर्जन की तैयारी
गर्डर रखने के समय केजीपी एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया जाएगा। एक कैरेज वे पर काम के दौरान ट्रैफिक को दूसरे कैरेज वे पर मोड़ा जाएगा, ताकि कार्य की गति बनी रहे और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। इस दौरान एनएचएआई, स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के बीच तालमेल भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
इंटरचेंज बनेगा बड़ा जंक्शन
मोहना के पास बन रहा इंटरचेंज सिर्फ एक संपर्क बिंदु नहीं, बल्कि यह पूरे दक्षिणी हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में उभरेगा। इस इंटरचेंज से फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पलवल, नूंह और गुरुग्राम के क्षेत्रों को जेवर एयरपोर्ट से सीधे जोड़ा जाएगा। यहां पर स्लिप रोड, अप्रोच रोड, अंडरपास और सर्विस लेन बनाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
गांवों को मिलेगा बड़ा लाभ
जेवर एक्सप्रेसवे के निर्माण से मोहना सहित आसपास के गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। हीरापुर, अटेरणा, जवा, कुलेना, नरियाला, पन्हेड़ा, छायंसा जैसे गांव इस संपर्क मार्ग से सीधे लाभांवित होंगे। इन क्षेत्रों में भूमि दरों में अचानक उछाल देखने को मिल रहा है। रियल एस्टेट निवेशकों की नजर अब इन गांवों पर टिक गई है। पहले जो भूमि 50- 60 लाख रुपये प्रति एकड़ बिक रही थी, अब वहीं भूमि 1-2 करोड़ रुपए प्रति एकड़ तक पहुंच चुकी है।