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Faridabad News: मदरसन कंपनी में मंगलवार को भी ठप रहा काम

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कर्मचारियों ने कहा, जब तक वेतन नहीं बढ़ेगा प्रदर्शन जारी रहेगा
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संवाद न्यूज एजेंसी



फरीदाबाद। सेक्टर-37 स्थित मदरसन कंपनी में मंगलवार को भी काम पूरी तरह से ठप रहा। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक वेतन नहीं बढ़ाया जाता, तब तक यह प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेगा। बता दें कि सोमवार की ही तरह मंगलवार को भी सुबह आठ बजे से ही कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था। दरअसल कर्मचारियों का कहना था कि कंपनी प्रबंधन की ओर से कहा जा रहा है कि 15200 रुपये सभी की सैलरी कर दी जाएगी।

इनमें से पीएफ और ईएसआई हटाकर करीब 13 हजार रुपये कर्मचारी के खाते में जाएंगे। जोकि नए कर्मचारी के लिए सही हैं, पर जो कर्मचारी पिछले चार से पांच साल से काम कर रहे हैं, उनके लिए यह बेहद कम हैं। ऐसे में उनका कहना था कि सैलरी को कम से कम 20 हजार किया जाए ताकि इतनी महंगाई के बीच जीवन-यापन आसानी से कर सकें।
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बता दें कि सोमवार को कंपनी प्रबंधन ने नवनियुक्त, अर्ध कुशल और कुशल कारीगर के आधार पर भी सैलरी निर्धारित करने की बात कही थी। हालांकि कर्मचारी इससे खुश नहीं थे। उनका कहना था कि सबका काम एक ही है और इसमें बहुत ज्यादा कोई कुशल या अर्ध कुशल की जरूरत नहीं है। यह जानबूझकर कंपनी की ओर से किया जा रहा है, ताकि सैलरी ना बढ़ानी पड़े।

बातचीत



जो कर्मचारी आज आया है, उसके लिए तो 15200 फिर भी ठीक हैं, पर जो चार साल पहले से कार्य कर रहा है, उसे भी इतना ही वेतन मिलेगा ये कैसा नियम है।- संदीप, कर्मचारी



हमारी मांग है कि सैलरी को 20 हजार किया जा सके ताकि इतनी महंगाई में कम से कम गुजारा तो हो सके। सोमवार से अब तक कोई रास्ता नहीं निकला है।-राज, कर्मचारी



सोमवार को पूरा दिन धूप में बैठे रहे थे और मंगलवार को भी दोपहर के 12 बजे तक कोई जवाब नहीं मिला है। सिर्फ पुलिसवालों की तरफ से धमकाया और भगाया जा रहा है।- करण, कर्मचारी



हमारी मांग 20 हजार सैलरी को लेकर ही है। जब तक वह पूरी नहीं होगी, तब तक रोजाना कम ठप रहेगा। कर्मचारी आएंगे तो जरूर पर गेट के अंदर कोई नहीं जाएगा।-सचिन, कर्मचारी
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सभी लोग फिर से इकट्ठा हुए हैं, उम्मीद है कि सैलरी बढ़ा दी जाएगी। जब तक नहीं बढ़ाते हैं, तब तक ऐसे ही बैठे रहेंगे।-सौरभ, कर्मचारी



15 हजार में से 13 हजार खाते तक आएंगे, इनमें से करीब दो हजार आने जाने का किराया, तीन से चार हजार मकान का किराया और तीन से चार हजार खाने में खर्च हो जाते हैं तो बचेगा क्या।-राजेश, कर्मचारी
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