बल्लभगढ़ के जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 500 से अधिक महिलाएं उपचार के लिए पहुंचती हैं। इनमें 250 से अधिक महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें गर्भ धारण करने में परेशानी हो रही है। इनमें कई महिलाएं ऐसी भी हैं, जो नशे की आदी हैं। चिकित्सकों ने महिलाओं को धूम्रपान, तंबाकू व नशा न करने की सलाह दी है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुणा ने बताया कि महिलाएं भी धूम्रपान करने लगी हैं, लेकिन महिलाओं के लिए धूम्रपान व तंबाकू का सेवन घातक साबित हो रहा है। नशा करने वाली महिलाएं शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी मां नहीं बन पाती हैं।
डॉ. अरुणा ने बताया कि उनके पास हर माह 25 से 35 महिलाएं ऐसी आती हैं जो मां नहीं बन पा रही हैं। इन महिलाओं से बात व जांच करने पर पता चला कि वह पहले नशा करती थी, या फिर अब भी तंबाकू का सेवन कर रही हैं। इसके कारण उनके शरीर में काफी बदलाव हुए और अब उसी वजह से वह मां नहीं बन पा रही हैं। इसके अलावा जो महिलाएं इलाज के बाद मां बन जाती हैं, तो उनमें खून की कमी व स्वास्थ्य संबंधित कई समस्याएं देखने को मिलती हैं।
डॉ. अरुणा ने बताया कि यदि महिला गर्भवती है और वह नशा करती है तो इसका असर होने वाले बच्चे पर भी पड़ता है। इस दौरान महिला व होने वाले बच्चे में खून की कमी हो जाती है। बच्चा कमजोर व अस्वस्थ पैदा होता है। इसके अलावा बच्चे का मानसिक विकास भी अधूरा होता है। चिकित्सकों ने महिलाओं को नशा न करने की चेतावनी दी है।