27 दिसंबर 2021 को महिला थाना एनआईटी में दर्ज कराई थी एफआईआर
महिला के पलटने से आरोपी हो गया था बरी
महिला के खिलाफ बाद में चलाई गई झूठी गवाही देने की कार्रवाई
अदालत ने दोषी करार देते हुए लगाया जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दुष्कर्म के केस में गवाही के दौरान आरोपों से महिला पलटी तो सबूतों व गवाहों के अभाव में आरोपी बरी हो गया। महिला पर झूठी गवाही देने के चलते अदालत में सीआरपीसी की धारा 344 के तहत कार्रवाई चली तो सभी पक्षों को सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने उसे दोषी करार दिया। साथ ही महिला पर 500 रुपये जुर्माना लगाया गया है।
महिला थाना एनआईटी में 27 दिसंबर 2021 को दुष्कर्म व धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले में महिला ने आरोप लगाए कि एक युवक ने कई बार उसके साथ नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया और मारने की धमकी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा और उसके खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। ट्रायल के दौरान जब महिला ने अदालत में बयान दिया तो वह अपने पहले के आरोपों से मुकर गई। उसने अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया, जिसके चलते अदालत ने आरोपी युवक को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। हालांकि, अदालत ने महिला के खिलाफ झूठी गवाही देने को लेकर अलग से कार्रवाई शुरू की।
सुनवाई के दौरान महिला ने स्वीकार किया कि उसने पारिवारिक दबाव और गलत कानूनी सलाह के चलते एफआईआर दर्ज कराई थी। अदालत ने उसके इस बयान को स्वीकार करते हुए उसे दोषी ठहराते हुए 500 रुपये का जुर्माना लगाया।