आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो में पत्नी का लिया था नाम
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने पति राहुल को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार पत्नी प्रगति अरोड़ा उर्फ ज्योति की दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने फैसले में कहा कि मृतक राहुल ने आत्महत्या से ठीक पहले सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो में अपनी पत्नी समेत अन्य लोगों के नाम लिए थे।
इसके अलावा अदालत ने यह भी माना कि जमानत मिलने पर आरोपी साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकती है और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका बनी हुई है। यह मामला 28 जून का है, जब पुलिस को सेक्टर-3 स्थित एक दुकान में राहुल द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। राहुल के पिता कृष्ण गोपाल ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि उनके बेटे का प्रगति अरोड़ा के साथ प्रेम विवाह हुआ था। शादी से पहले करीब आठ वर्षों तक प्रगति ने उनके बेटे पर शादी का दबाव बनाया और बात न मानने पर दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करती रही। पिता का आरोप है कि शादी के बाद भी प्रताड़ना जारी रही और 26 जून को प्रगति ने अपने परिजनों को बुलाकर राहुल से मारपीट करवाई। इस अपमान को राहुल बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने 28 जून को आत्महत्या कर ली।
पुलिस जांच में मामले में नामजद अन्य परिजनों (ओम प्रकाश उर्फ बिट्टू, वीना अरोड़ा, गीतिका अरोड़ा, कपिल कुमार, सनी ढींगरा, पुष्पा रानी और सिम्मी) को संलिप्त नहीं पाया गया और 7 सितंबर को अदालत में चालान पेश कर दिया गया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि घटना के समय आरोपी अपने मायके में थी और जांच पूरी हो चुकी है। वहीं शिकायतकर्ता के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि राहुल ने सुसाइड वीडियो में पत्नी और उसके परिजनों द्वारा प्रताड़ित करने का साफ उल्लेख किया है।