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नए कपड़े पहन शादी में शरीक होने गया था, कफन में देख बिलख पड़ी मां

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फरीदाबाद में नगला गांव निवासी पंकज की ग्रेटर नोएडा शादी समारोह में डीजे पर बिजली करंट लगने से हुई - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में हुए शादी समारोह में शामिल होने गए घर के इकलौते चिराग पंकज की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। शनिवार की दोपहर इकलौते बेटे का शव देखकर मां बेसुध हो गई, जिसे संभाल पाना गांव की महिलाओं के लिए भी मुश्किल हो रहा था। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि नए कपड़े पहनकर शादी में गया बेटा कफन ओढ़कर लौटा है। घर के पास रह रही बेटी कोमल मां को समझाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन भाई के शव को देखकर उसका भी रो-रोकर बुरा हाल था।
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पंकज के पिता की आठ साल पहले बीमारी के कारण जान चली गई थी। उस वक्त पंकज उर्फ गोलू की उम्र 9 साल थी। परिवार को चलाने का पूरा बोझ उसकी मां गुड़िया के कंधों पर आ गया। गुड़िया ने बेटे को आईएएस बनाने का सपना देखा था जिसे पूरा करने के लिए वह घरों में झाडू-पोछा करती है। एनआईटी के नंगला गांव से शुक्रवार को दीपक की बरात उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दनकौर स्थित मकनपुर गांव गई थी। शादी में गांव के पंकज (17), संदीप (18), अनिल (21) और पवन (19) भी शामिल होने पहुंचे थे। वे शुक्रवार देर रात शादी समारोह में डीजे पर बज रहे गाने पर थिरक रहे थे कि तभी बिजली का तार डीजे पर गिरने से करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आकर सभी गंभीर रूप से झुलस गए थे। झुलसे चारों लोगों को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, जहां पंकज को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि पवन के रिश्तेदार उसे फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल ले आए। उसका इलाज जारी है। अन्य घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
आठवीं का छात्र था गोलू
नाबालिग बेटे के शव को देखकर मां गुड़िया खुद को कोस रही है कि आखिर उसने बेटे को अकेले शादी में जाने क्यों दिया। गुड़िया ने बताया कि कामकाज कर घर लौटने के बाद वह गोलू को खाना खिलाने के बाद ही सोती थी। नम आंखों से गुड़िया बताती हैं कि गोलू 8वीं कक्षा का छात्र था।
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उधार लेकर खरीदे थे नए कपड़े
शादी में जाने के लिए वह कई दिनों से नए कपड़ों की जिद कर रहा था। मां ने पड़ोस की महिला से उधार लेकर गोलू के लिए कपड़े खरीदकर उसे शादी में भेजा था। परिवार की खराब आर्थिक हालत देखकर गांव के लोगों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। गांव में रहने वाले हरविंद्र सिंह बताते हैं कि गुड़िया ने काफी संघर्षों के बाद दोनों बेटियों की शादी की थी। बेटे की पढ़ाई के साथ-साथ मकान का दो हजार रुपये किराया देना भी उसके लिए मुश्किल था। वह घरों में काम करने के अलावा गांव मौजूद एक पेंट की दुकान में छह हजार रुपये की नौकरी भी करती है। वह किसी भी तरह बेटे को बड़ा अधिकारी बनाना चाहती थी।
गोलू के कपड़ों में लग गई थी आग
डीजे पर करंट आने से कई लोग उसकी चपेट में आकर झुलस गए थे, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इस भगदड़ के माहौल में गोलू करंट के झटके से टेंट के पीछे पड़ा था, जिससे कपड़ों में आग लग गई थी। भीड़ में उसकी तरफ ध्यान न जाने से वह आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। काफी देर बाद लोगों की नजर जब उस पर गई तब कहीं जाकर उसे अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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