तेजी से चल रहा है एक्सप्रेसवे निर्माण , काम पूरा होने पर 20 से 25 मिनट में जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बरसात के दिनों में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहनों को जल भराव से परेशानी नहीं होगी। इसको लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पानी की निकासी के लिए सड़क के दोनों तरफ ड्रेन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जिन जगहों पर तारकोल की सड़क बन गई है, वहां पर ड्रेन बनाने का काम चल रहा है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बन रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम तेज से चल रहा है। गांव नरहावली के पास से हीरापुर के पास तक लगभग दो किलोमीटर के हिस्से में तारकोल की सड़क बनाने का काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह पर तारकोल की सड़क बनाई जा रही है, वहां पर बरसात के दिनों में लोगों को पानी की निकासी को लेकर कोई परेशानी नहीं होगी। उनकी ओर से सड़क के दोनों ओर ड्रेन बनाने का काम किया जा रहा है। जिसके बाद मुख्य ड्रेन से रोड पर आने वाला पानी नीचे चला जाएगा। उसके लिए नालियों को बनाया जा रहा है।
बरसात के दिनों में मिट्टी का नहीं होगा कटाव
एक्सप्रेसवे की रोड के दोनों ओर मिट्टी डालने का कार्य पूरा हो गया है। बरसात के दिनों में मिट्टी पानी के जरिए बह न जाए उसको लेकर इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए रोड के साथ लोहे की हल्की जालीदार सीट लगाई जा रही हैं और उनके बीच में घास भी लगाई जा रही है। घास जम जाने से बारिश के दौरान मिट्टी का कटाव नहीं होगा।
गांव सोतई व दयालपुर के आसपास बन सकता है टोल
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को फरीदाबाद से जोड़ने के लिए बन रहे 31 किमी के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर सफर के लिए राहगीरों को टैक्स देना पड़ सकता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके एंट्री पॉइंट से लगभग 4.2 किलोमीटर आगे टोल प्लाजा बनाने की योजना बनाई है। यह टोल गांव सोतई व दयालपुर के आसपास बनाया जा सकता है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बन जाने से फरीदाबाद के लोग 20 से 25 मिनट में यूपी के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। यह करीब 31 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें 7 किलोमीटर का हिस्सा यूपी की सीमा में है और 24 किलोमीटर का हिस्सा हरियाणा में बनेगा। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धीरज सिंह ने बताया कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम किया जा रहा है। बरसात के दिनों में एक्सप्रेसवे पर पानी की निकासी के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।