दोनों मशीनें रोजाना कई घंटों तक लगातार कर रही हैं काम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने अब सख्त कदम उठाए हैं। शहर के प्रमुख औद्योगिक इलाकों में धूल और धुएं से फैलने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए निगम ने दो अत्याधुनिक वाटर गन तैनात की हैं। ये दोनों मशीनें रोजाना कई घंटों तक लगातार काम कर रही हैं, जिससे इलाके की हवा में मौजूद धूल कणों की मात्रा में कमी दर्ज की जा रही है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह अभियान फरीदाबाद के प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है। इन वाटर गनों को एनएचपीसी चौक से बल्लभगढ़ तक के औद्योगिक बेल्ट और नई औद्योगिक टाउनशिप क्षेत्र में लगाया गया है, जहां भारी वाहनों की आवाजाही और निर्माण गतिविधियों के कारण धूल प्रदूषण ज्यादा पाया जाता है।
लगातार मॉनिटरिंग और सफाई के साथ जुड़ा अभियान
निगम के अधिकारियों का कहना है कि वाटर गनों के संचालन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। सुबह से लेकर शाम तक इन मशीनों द्वारा हवा में पानी के महीन कणों का छिड़काव किया जाता है, जिससे धूल के कण नीचे बैठ जाते हैं। इस प्रक्रिया से पीएम 10 और पीएम 2.5 जैसे हानिकारक तत्वों में गिरावट देखी जा रही है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क झाड़ू मशीनें और वाटर टैंकर भी तैनात किए गए हैं ताकि सड़कों पर धूल दोबारा न उड़ सके।
उद्योगों से सहयोग की अपील
निगम अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने उद्योगपतियों और निर्माण कंपनियों से भी सहयोग मांगा है। शहर की वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाना सभी की जिम्मेदारी है। वाटर गनों के अलावा हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी औद्योगिक इकाई बिना फिल्टर के धुआं न छोड़े।
सर्दी से पहले रोकथाम की तैयारी
हर साल सर्दियों में फरीदाबाद का वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। धुंध और पराली जलाने के साथ-साथ औद्योगिक उत्सर्जन भी प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं। इस बार निगम ने पहले से कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि नवंबर-दिसंबर में हालात न बिगड़ें। इसके लिए वाटर गनों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है।
लोगों से की गई सहयोग की अपील
निगम ने शहर वासियों से अपील की है कि सड़क किनारे मलबा या कूड़ा न फेंके, खुले में कचरा न जलाएं और वाहन की नियमित प्रदूषण जांच करवाएं। अधिकारी बताते हैं कि यदि नागरिक भी सहयोग करें तो फरीदाबाद की वायु गुणवत्ता में 10 से 15 प्रतिशत तक सुधार संभव है।
इलाके में दो वाटर गन लगातार काम कर रहीं हैं। इससे प्रदूषण में फर्क देखने को मिल रहा है। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम