मेवला महाराजपुर और एनएचपीसी अंडरपास में लोहे का जाल टूटने से लग रहा जाम, हादसे की आशंका बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में दो लोगों की मौत के बाद भी नगर निगम ने अन्य अंडरपासों की कोई सुध नहीं ली है। किसी में आसपास के एरिया का पानी बह कर जमा हो रहा है तो किसी में सीवर का पानी लीकेज हो रहा है। इसे लेकर बृहस्पतिवार को अमर उजाला संवाददाता धनंजय चौहान ने ओल्ड फरीदाबाद, मेवला महाराजपुर और एनएचपीसी अंडरपास की पड़ताल की। जिसमें अनेक खामियां सामने आई। यदि जल्द निगम ने इनकी सुध नहीं ली तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
शहर में एनआईटी, ओल्ड और बड़खल क्षेत्र को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए तीन अंडरपास है। जिनके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। इन अंडरपास से रोजाना करीब डेढ लाख लोग आवाजाही करते हैं, लेकिन बारिश के दौरान जलभराव से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसे लेकर बृहस्पतिवार को सबसे पहले ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास पहुंचे। यहां दीवारों में आई दरारों को निगम कर्मचारियों द्वारा भरा जा रहा है। रोशनी के लिए लाइटें लगाई जा रही हैं, मशीनों से सफाई कार्य जारी हैं। इसके बाद मेवला महाराजपुर अंडरपास पहुंचे। यहां आसपास के क्षेत्र का पानी दीवारों से बह कर अंडरपास में जमा हो रहा है। सेक्टर-46 से हाईवे की तरफ आने वाली साइड में अधिक पानी जमा होने के कारण वाहन चालक इस मार्ग से बचते नजर आए और हाइवे की तरफ से आने वाली साइड से आवाजाही कर रहे थे।
इसके बाद हम एनएचपीसी अंडरपास पहुंचे। यहां हाईवे से लेकर अंडरपास तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिली। पड़ताल के दौरान पाया कि अंडरपास में लोहे का जाल टूटा हुआ है। ऐसे में हादसे से बचने के लिए वाहन चालक सावधानी से निकल रहे थे। जिससे जाम लग रहा था।
अतिरिक्त उपायुक्त ने किया अंडरपास का निरीक्षण
बृहस्पतिवार को अतिरिक्त उपायुक्त आनंद शर्मा ने टीम के साथ ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास का निरीक्षण किया। मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों से बातचीत की। साथ ही सुरक्षा के लिए किए जा रहे इंतजाम की जांच की। उन्होंने कहा कि जब तक अंडरपास में सुरक्षा के इंतजाम पूरे नहीं होंगे, लोगों की आवाजाही शुरू नहीं की जाएगी। नगर निगम को सभी अंडरपास पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं।