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Faridabad News: जल और सीवर नेटवर्क होगा दुरुस्त, 4.61 करोड़ होंगे खर्च

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11 ट्यूबवेल सुधरेंगे, सीवर शिकायतों पर 2 घंटे में होगी कार्रवाई
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एफएमडीए की दो बड़ी परियोजनाओं से लाखों लोगों को राहत की उम्मीद

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में लगातार बढ़ती आबादी, पुराने हो चुके जल और सीवर नेटवर्क और गर्मियों में गहराते पानी संकट के बीच बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने शहर के मास्टर वाटर सप्लाई और सीवर सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए करीब 4.61 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के उन इलाकों को राहत देना है जहां वर्षों से पानी की कमी, सीवर ओवरफ्लो और जलभराव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।

फरीदाबाद की आबादी 20 लाख के पार पहुंच चुकी है। वहीं शहर का बड़ा हिस्सा अब भी पुराने पाइप नेटवर्क और सीमित सीवर क्षमता पर निर्भर है। गर्मी के मौसम में कई कॉलोनियों में लो-प्रेशर सप्लाई और ट्यूबवेल फेल होने की शिकायतें बढ़ जाती हैं। वहीं बरसात के दौरान सीवर जाम होने से सड़कें और रिहायशी इलाके जलभराव की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में एफएमडीए की ये परियोजनाएं शहर के मास्टर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।
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बुढेना वाटर सप्लाई सिस्टम का होगा कायाकल्प

एफएमडीए ने बुढेना क्षेत्र और आगरा नहर के किनारे स्थित वाटर सप्लाई सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए 2.60 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की है। इसके तहत 11 ट्यूबवेलों की मरम्मत की जाएगी। साथ ही वर्षों पुरानी और जर्जर हो चुकी 200 एमएम और 300 एमएम पाइपलाइन को हटाकर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। परियोजना में केवल पाइपलाइन बदलने तक ही काम सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे सिस्टम के इलेक्ट्रो-मैकेनिकल ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा। इसके तहत स्वतंत्र इलेक्ट्रिक फीडर, ट्रांसफार्मर और डीजी सेट लगाए जाएंगे ताकि बिजली बाधित होने की स्थिति में भी जलापूर्ति प्रभावित न हो। इसकी निर्माण अवधि 12 महीने निर्धारित की गई है। इसके बाद दो साल तक संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी के पास रहेगी।

सीवर लाइनों की सफाई और रखरखाव का कार्य कराया जाएगा

दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना बादशाहपुर जोन (पश्चिम) के मास्टर सीवर नेटवर्क से जुड़ी है। इसके लिए 2.01 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके तहत 600 एमएम से 1800 एमएम व्यास वाली बड़ी सीवर लाइनों के संचालन, सफाई और रखरखाव का कार्य कराया जाएगा। इसकी सबसे अहम शर्त यह रखी गई है कि सीवर ओवरफ्लो, ब्लॉकेज या मैनहोल से जुड़ी शिकायतों का समाधान अधिकतम दो घंटे के भीतर करना होगा। शहर में अक्सर शिकायत रहती है कि सीवर जाम होने के बाद कई दिनों तक समस्या बनी रहती है, जिससे लोगों को गंदगी और बदबू के बीच रहना पड़ता है।


नियमित रूप से होगी पेट्रोलिंग

नई व्यवस्था के तहत एजेंसी को नियमित पेट्रोलिंग करनी होगी। कहीं मैनहोल कवर गायब होने, लाइन धंसने या ओवरफ्लो की स्थिति मिलने पर तुरंत कार्रवाई करनी होगी। सीवर लाइनों और मैनहोल की डिसिल्टिंग के लिए मशीनीकृत सफाई व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है। इससे मैनुअल सफाई पर निर्भरता कम होगी और सफाई कार्य अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा।

तेजी से बढ़ते शहर पर बढ़ रहा दबाव

फरीदाबाद एनसीआर का तेजी से विकसित होता शहर है। ग्रेटर फरीदाबाद, एनआईटी, बल्लभगढ़ और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार नई आबादी जुड़ रही है। नगर निगम और एफएमडीए के आंकड़ों के अनुसार शहर में प्रतिदिन करोड़ों लीटर पानी की जरूरत होती है, जबकि कई क्षेत्रों में पुराना नेटवर्क सप्लाई क्षमता को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते मास्टर पाइपलाइन और सीवर सिस्टम को अपग्रेड नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में समस्या और गंभीर हो सकती है। खासकर बरसात के दौरान जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की घटनाएं स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ाती हैं।
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एनजीटी नियमों के पालन पर रहेगा विशेष जोर

एफएमडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान एनजीटी नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जुर्माने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर के मास्टर इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता बढ़ेगी और लोगों को बुनियादी सुविधाओं में सुधार महसूस होगा।


पानी और सीवर से जुड़ी परियोजनाओं पर प्राथमिकता से काम किया जा रहा है। जल्द इन्हें पूरा कर लिया जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर, एफएमडीए
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