शिक्षा विभाग स्किल आधारित पाठ्यक्रमों की कर रहा समीक्षासंवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा में आगामी शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ना है ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य के लिए व्यावहारिक अनुभव भी हासिल कर सकें। विभाग की ओर से स्कूलों में संचालित विभिन्न स्किल आधारित पाठ्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है। इसमें यह आकलन किया जा रहा है कि किन क्षेत्रों में किस प्रकार के कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता है तथा विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार कौन-कौन से नए विकल्प उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
इसका लाभ जिले के करीब 350 स्कूलों के हजारों छात्रों को मिलेगा। विभाग का मानना है कि बदलते समय में पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता भी अत्यंत आवश्यक हो गई है। व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाता है जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे रोजगार, स्वरोजगार तथा उच्च शिक्षा के बेहतर अवसरों के लिए तैयार हो पाते हैं। बीईओ राकेश चराया ने कहा कि स्किल आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को कम उम्र में ही कॅरिअर की दिशा तय करने में मदद करती है। विभाग स्थानीय उद्योगों और संस्थानों के सहयोग से भी योजनाएं तैयार कर रहा है ताकि विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थलों का अनुभव मिल सके। इससे उन्हें उद्योगों की जरूरतों और कार्य संस्कृति को समझने का अवसर मिलेगा तथा प्रशिक्षण अधिक व्यावहारिक और उपयोगी बन सकेगा।
व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप है। नई शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों को बहुआयामी सीखने के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी दिशा में स्किल आधारित पाठ्यक्रमों को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल से विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही रोजगार संबंधी कौशल सीखने का अवसर मिलेगा जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे। विभाग को उम्मीद है कि व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे और वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला ने बताया कि यह बहुत छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद होगा। इससे पढ़ाई पूरी करने के बाद ही तमाम तरह के रोजगार के अवसर उन्हें प्राप्त हो सकेंगे।