बीके अस्पताल में प्रतिदिन 15 महिलाएं इस तरह की समस्या लेकर पहुंच रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महिलाओं में विटामिन बी12 की कमी तेजी से गंभीर समस्या बनती जा रही है। बीके अस्पताल में आने वाले मरीजों में करीब 70 प्रतिशत तक 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में इसकी कमी देखी जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार यह समस्या महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बना रही है।
बीके अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुणा का कहना है कि विटामिन बी12 की कमी से महिलाओं में कई समस्याएं देखी जा रही हैं। इसमें अत्यधिक थकान, कमजोरी, हाथों-पैरों में सुन्नपन, संतुलन बनाने में दिक्कत और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। बीके अस्पताल में प्रतिदिन करीब 15 महिलाएं इस तरह की समस्या लेकर पहुंचती हैं। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में इसका खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
सोचने-समझने की क्षमता हो सकती है प्रभावित
डॉ. अरुणा के मुताबिक, बी12 की कमी का असर शरीर के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। कई महिलाओं में डिप्रेशन, एंग्जायटी, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और ब्रेन फॉग जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं। इसके अलावा सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होने और भ्रम की स्थिति भी पैदा हो सकती है। शारीरिक लक्षणों में त्वचा का पीला पड़ना, सांस फूलना, चक्कर आना, हाथों-पैरों में झुनझुनी, मुंह में छाले और जीभ का लाल व चिकना होना शामिल हैं।
दूध, दही, पनीर जैसे उत्पाद आहार में करें शामिल
विशेषज्ञों ने महिलाओं को संतुलित आहार लेने की सलाह दी है। विटामिन बी12 की पूर्ति के लिए दूध, दही, पनीर और चीज जैसे डेयरी उत्पादों को नियमित आहार में शामिल करना चाहिए। इसके अलावा विटामिन बी12 से फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ भी फायदेमंद हैं। चिकित्सकों का कहना है कि लगातार थकान या मानसिक कमजोरी महसूस होने पर महिलाओं को तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए, ताकि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके।