फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: विसरा जांच और मोबाइल से खुलेगा छात्रों की मौत का राज

विज्ञापन
विज्ञापन
विसरा जांच और मोबाइल से खुलेगा छात्रों की मौत का राज
विज्ञापन

अरावली में पेड़ पर फंदे से लटके मिले दो छात्र का मामला
दोनों दोस्तों ने मरने से पहले खाई थी बिरयानी और चाप


कैलाश गठवाल
फरीदाबाद। ग्यारहवीं के छात्रों की मौत का असल कारण पुलिस की समझ से परे है। अब तक यह समझ नहीं आया कि दोनों ने फंदा क्यों लगाया। मृतकों के परिजनों ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है। पुलिस अपने स्तर पर जांच में जुट गई है। दोनों का विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। इसे जांच के लिए भेजा जाएगा। आशंका जताई जा रही है कि खाने में किसी तरह का कोई जहरीला पदार्थ देने के बाद इन्हें फंदे से लटकाया गया हो। इधर, दोनों के मोबाइल को भी जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। दोनों के फोन लॉक हैं। पोस्टमार्टम के दौरान छात्रों के पेट में डॉक्टरों को बिरयानी के चावल और चाप के कुछ अंश मिले हैं। संवाद
-

स्कूटी पर चढ़कर लगाया दोनों ने फंदा
घटनास्थल पर दोनों के शव एक ही रस्सी से बंधे हुए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने पेड़ के साथ स्कूटी खड़ी करने के बाद गले में प्लास्टिक की रस्सी बांधने के बाद स्कूटी को गिरा दिया होगा। दोनों का शरीर एक झटके के साथ नीचे आया और फंदे से गला दब गया। पुलिस को मौके से जो रस्सी बरामद हुई है, वह बिलकुल नई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति का पता लगेगा।
विज्ञापन


-
निजी कंपनियों में काम करते हैं मृतकों के पिता
मूलरूप से पानीपत निवासी युवराज के पिता रामपाल ने बताया वह 20 साल से अधिक समय से फरीदाबाद में रहते हैं। वह निजी कंपनियों ले लिए जेनरेटर की मरम्मत का काम करते हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा नोएडा में पढ़ाई करता है, जबकि युवराज छोटा था। उधर, यश के पिता विकास गौतम गुरुग्राम स्थित एक निजी कंपनी के ऑपरेशन विभाग में उच्च पद पर कार्यरत हैं। उनके भी दो बेटे हैं। यश उनका बड़ा बेटा था।
विज्ञापन

-
पहले मां के पास बैठकर रोया था युवराज
युवराज के पिता रामपाल ने बताया कुछ दिनों से युवराज परेशान था। रविवार सुबह वह अपनी मां के पास जाकर रोने लगा। मां ने कई बार उससे रोने का कारण पूछा, लेकिन उसने नहीं बताया। इसके बाद मां ने उसे काफी समझाया। इसके बाद वह शांत हुआ। युवराज और यश दोनों अच्छे दोस्त थे। उसका किसी ने कभी झगड़ा नहीं हुआ था। दोनों पढ़ने में भी काफी होशियार थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें