लोगों को धार्मिक, सामाजिक व अन्य कार्यों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने फरीदाबाद जिले के गांव पावटा के लिए बड़ी सौगात दी है। विभाग ने यहां एक नए सामुदायिक केंद्र के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना को छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लोगों को धार्मिक, सामाजिक व अन्य कार्यों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
गांव पावटा के लोग लंबे समय से सामुदायिक केंद्र की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए प्राथमिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके निर्माण के लिए फंड भी पास कर दिया गया है। सामुदायिक केंद्र के निर्माण से ग्रामीणों को विवाह समारोह, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पंचायत बैठकों और सामाजिक आयोजनों के लिए एक सुविधाजनक व सुसज्जित स्थान मिलेगा।
अब तक ग्रामीणों को छोटे-बड़े आयोजनों के लिए निजी स्थानों या खुले मैदानों का सहारा लेना पड़ता था, जिससे न केवल असुविधा होती थी बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। नए केंद्र के निर्माण से गांव के सामाजिक ताने-बाने को मजबूती मिलेगी और लोगों को अपने ही गांव में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलेंगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र
अधिकारियों के अनुसार सामुदायिक केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें एक बड़ा हॉल, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, बिजली, पानी, शौचालय और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं होंगी। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भवन का डिजाइन ऐसा होगा कि इसे बहुउद्देशीय कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में अभी तक कोई ऐसा सार्वजनिक स्थल नहीं था जहां सभी वर्गों के लोग मिलकर कार्यक्रम आयोजित कर सकें। इस केंद्र के निर्माण से न केवल ग्रामीणों को सुविधा होगी बल्कि युवाओं के लिए भी सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
छह माह में दिखेगा नतीजा
पंचायत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि काम शुरू होने के बाद केंद्र का निर्माण निर्धारित छह माह की समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। यदि सब कुछ तय समय पर हुआ तो अगले साल की शुरुआत में गांव पावटा को अपना पहला आधुनिक सामुदायिक केंद्र मिल जाएगा।
ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे मांग
छह माह में तैयार होने वाले इस केंद्र में हॉल, बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं होंगी। लंबे समय से ग्रामीण सामुदायिक केंद्र की मांग कर रहे थे। जिससे शादी, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सुविधा हो। ग्रामीणों ने इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि गांव के साथ आस-पास के लोगों को भी काफी सुविधा मिलेगी। महिलाओं को दूर नहीं जाना पड़ेगा। इलाके के जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यह केंद्र गांव में सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।