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Faridabad News: स्वास्थ्य विभाग की विजिलेंस टीम का जिला अस्पताल के हार्ट सेंटर पर छापा

Wed, 03 Apr 2024 11:47 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
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- खून की जांच के लिए जा रहे सैंपल पर विजिलेंस टीम ने उठाया सवाल, 5 मरीजों का डाटा साथ ले गई टीम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बीके अस्पताल में साल 2018 से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के तहत चल रहे हार्ट सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग की विजिलेंस टीम ने बुधवार को छापा मारा। छापे के दौरान सतर्कता अधिकारी संजीव जैन के साथ उप चिकित्सा अधिकारी डॉ. मान सिंह भी मौजूद रहे। लगभग दो घंटे के छापे में टीम ने हार्ट सेंटर में उपचार कराकर जा चुके पांच मरीजों की फाइलों की जांच की। फाइलों की जांच करने के बाद मामला संदिग्ध पाए जाने पर सभी मरीजों की रिपोर्ट और दस्तावेजों की फोटोकॉपी करवाकर टीम अपने साथ ले गई।

बीके अस्पताल में दिल के मरीजों को उपचार देने के लिए सरकारी की ओर से साल 2018 में पीपीपी मोड के तहत तीसरी मंजिल पर हार्ट सेंटर को शुरू किया गया था। ओपीडी में कमरा नंबर दो में दिल के मरीजों का उपचार किया जाता है। ओपीडी में हर रोज करीब 150 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इसमें से 50 से 60 मरीजों को जांच व भर्ती होने के लिए तीसरी मंजिल पर बने हार्ट सेंटर में भेज दिया जाता है। बुधवार की दोपहर को करीब एक बजे विजिलेंस टीम छारा मारने पहुंची। इस दौरान विजिलेंस टीम के स्वास्थ्य विभाग स्टेट पीएनडीटी नोडल ऑफिसर डॉ. मनोज त्यागी, चीफ विजिलेंस ऑफिसर संजीव जैन, उप चिकित्सा अधिकारी डॉ. मान सिंह सहित हार्ट सेंटर के डॉ. ओम जीवन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने सबसे पहले सेंटर में भर्ती मरीजों के डाटा की जांच की। इसके अलावा अस्पताल में मौजूद मरीजों से उपचार किस तरीके से मिल रहा है उसकी जानकारी प्राप्त की।
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जांच टीम ने ब्लड स्लाइड पर उठाए सवाल
जांच टीम हार्ट सेंटर में हृदय रोगियों की होने वाली खून की जांच की स्लाइड उपलब्ध होने पर भी सवाल उठाए। जांच टीम ने हार्ट सेंटर के अधिकारियों से ब्लड स्लाइड के बारे में पूछताछ की। ब्लड स्लाइड की जांच किन लैबों से कराई जाती है, इसके बारे में पूछताछ की है।
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ईको मशीन की जांच करने के लिए आई थी टीम
4 नवंबर 2022 को हाई सेंटर पर छापा मारा गया था। उस दौरान टीम को सूचना मिली थी कि तकनीशियन ईको मशीन के जरिए लिंग जांच करता है। ईको मशीन में लिंग जांच के लिए एक साॅफ्टवेयर अपलोड करना पड़ता है, इसके अलावा इसकी जांच के अलग से कुछ मशीनें होती हैं, जो सेंटर में नहीं हैं। ऐसे में लिंग जांच करना संभव ही नहीं है। तब से ईको की मशीन को सील किया हुआ था। हार्ट सेंटर में बंद पड़ी ईको मशीन के बावजूद मरीजों से सवाल किए कि उन्होंने ईको कहां से करवाया है। अधिकांश मरीजों का कहना था कि वह निजी अस्पतालों से ईको जांच करवाई है।
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जांच टीम महानिदेशक पंचकुला से भेजी हैं। मुझे नहीं पता कि वह किस शिकायत की जांच करने हार्ट सेंटर आई हैं।
- डॉ. विनय गुप्ता, सीएमओ, फरीदाबाद
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