सत्यापन में 408 अपराधी घरों और 68 जेल में मिले, 124 की तलाश जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पुलिस ने क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल के तहत जिले के 617 अपराधियों का भौतिक सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा तैयार किए गए डिजिटल डेटाबेस के माध्यम से आदतन और संगठित अपराधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि अपराध होने से पहले ही उस पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस उपायुक्त अपराध राजेश कुमार मोहन ने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा विकसित क्राइम इंटेलिजेंस डेटाबेस के तहत पिछले 10 वर्षों में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, स्नैचिंग, रंगदारी और शस्त्र अधिनियम जैसे मामलों में शामिल अपराधियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया गया है। जिले में ऐसे 3499 अपराधियों की पहचान की गई है। पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान 16 जून तक 617 अपराधियों का सत्यापन किया गया। इनमें 408 अपराधी अपने घरों पर मिले, जबकि 68 विभिन्न जेल में थे। 17 अपराधियों की मृत्यु हो चुकी है और 124 अपराधियों की तलाश एवं निगरानी के लिए क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
डीसीपी अपराध ने बताया कि पिछले एक माह के दौरान संगीन अपराधों में शामिल तीन अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि 12 अन्य अपराधियों को भी दबोचा गया है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना फिलहाल फरीदाबाद, रोहतक, झज्जर और सोनीपत में लागू है। चारों जिलों के कुल 10,892 जघन्य अपराधियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है। पुलिस का मानना है कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में पुलिस का भय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।