फरीदाबाद। कोरोना बचाव के लिए टीकाकरण लगातार दूसरे दिन प्रभावित रहा। इस बीच लोगों की भारी भीड़ केंद्रों के बाहर दिखाई दी। एक ओर सरकारी टीकाकरण केंद्रों के बाहर ताला लटका रहा तो दूसरी ओर लोगों की भीड़ टीके की मांग पर अड़ी रही। ऐसे में अव्यवस्थाएं टीकाकरण केंद्र पर हावी दिखी। वहीं लोगों का कहना है कि अगर वैक्सीन नहीं है, तो नोटिस लगा देते कि टीकाकरण नहीं कर सकते हैं।
कोरोना के नए मामले घटने के साथी ही एक ओर कोरोना की जांच में कमी आई है तो दूसरी ओर टीकाकरण के लिए भी अब लोगों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। बीते कुछ दिनों की स्थिति में टीकाकरण अभियान भी लगातार प्रभावित होता नजर आ रहा है। जिले में रविवार व सोमवार को कुछ ही केंद्रों पर कोरोना बचाव का टीका लगाया गया। मंगलवार को 15 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण की सुविधा मिली, लेकिन अधिकतर केंद्रों पर 11 बजे के बाद वैक्सीन का टोटा हो गया। बुधवार को किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण नहीं हुआ। ऐसा ही हाल बृहस्पतिवार को भी देखने को मिला। वहीं, टीकाकरण के लिए पहुंचे लोगों में भारी आक्रोश दिखा। लोगों का आरोप है कि टीकाकरण की न तो कोई पूर्व जानकारी दी गई न ही खेप खत्म होने के बारे में ही कोई पूर्व सूचना मिली। ऐसे में टीकाकरण नहीं होने से भारी परेशानी से हो रही है।
बृहस्पतिवार सुबह बीके सिविल अस्पताल में सुबह से ही लोग टीकाकरण के लिए केंद्र के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए। दोपहर 12 बजे तक लाइन में लगे लोगों को कोई यह जानकारी देने वाला नहीं था कि टीकाकरण नहीं होगा। उधर, खेप की कमी के कारण केंद्र पर ताला लटका रहा। आखिरकार लोगों हंगामा किया तो टीकाकरण न होने की जानकारी मिल सकी।
एसएमओ कार्यालय के बाहर हंगामा
बल्लभगढ़। कोरोना बचाव का टीका लगवाने के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल में लोग दो दिन से स्वास्थ्य अधिकारियों से भिड़ते नजर आ रहे हैं। लोग टीका न लगने से मायूस हैं, उधर अधिकारी टीका खत्म होने के कारण बेबस हैं। हालांकि व्यवस्था बेहतर न होने पर लोग ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। टीकाकरण बंद होने से नाराज लोगों ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर एसएमओ कार्यालय के बाहर हंगामा कर दिया। लोगों का आरोप है कि जब टीका नहीं तो केंद्रों पर नोटिस चस्पा कर जानकारी देनी चाहिए। अचानक से पता चलता है कि टीका नहीं है। ऐसे में परेशानी खड़ी हो जाती है। कई लोग टीका लगवाने के लिए कंपनी से छुट्टी लेकर पहुंच रहे हैं।
वर्जन-
मंगलवार को सुबह छह बजे वैक्सीन के लिए टोकन लाइन में खड़ा रहा लेकिन शाम तक नंबर ही नहीं आया। अब दो दिनों से टीकाकरण केंद्र बंद पड़ा है। वैक्सीन लगवाने के लिए काफी परेशान झेलनी पड़ रही है। - गोमुख प्रसाद यादव
दो दिनों से कंपनी का काम छोड़कर वैक्सीन लगवाने के लिए भटक रहा हूं। बगैर वैक्सीन लगवाए कंपनी में काम पर नहीं ले रहे है। एक दिनों की मजदूरी मारी जा रही है। उसके बाद भी वैक्सीन नहीं लग रही है। - मनोज कुमार
वैक्सीन की खेप खत्म है। स्टॉक आने के बाद शुक्रवार से टीकाकरण फिर से शुरू होने की उम्मीद है। - डॉ. राजेश श्योकंद, टीकाकरण नोडल