संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 टीम ने फर्जी तरीके से चलाए जा रहे कॉलसेंटर के मास्टरमाइंड व एक अन्य युवक को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। जांच के दौरान आरोपियों ने कई खुलासे किए हैं। आरोपियों से पांच पासबुक, छह मोबाइल, दो चेकबुक व एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। क्राइम ब्रांच ने सेक्टर-19 में चल रहे फर्जी काल सेंटर का पर्दाफाश कर तीन युवतियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
मास्टरमाइंड गुरमीत करीब डेढ़ साल से फरीदाबाद से अलग-अलग जगह पर अपना रैकेट चला रहा था। आरोपी बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर पैसे ऐंठते थे। पुलिस को आरोपियों से जो बैंक की पासबुक बरामद हुई है, वह भी आरोपी ने झूठ बोलकर बनवा रखी थी। आरोपी ने अपने घर के आसपास के बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर खाते खुलवाए और ओटीपी के लिए अपना नंबर लिखवा दिया। आरोपी बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लेता था और ठगी के पैसों को खातों में ले लेता था। आरोपी ने बताया कि कुछ मामलों में महाराष्ट्र और गुजरात पुलिस ने बैंक खाते फ्रीज करा दिए थे। आरोपी ने उन बैंकों के एटीएम तोड़कर फेंक दिए ।
देशभर में 300 के ज्यादा से की थी ठगी
आरोपी देशभर के 300 से ज्यादा लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 टीम ने सभी थानों में आरोपियों के बारे में जानकारी साझा की है। आरोपी गुरमीत सिंह संधु नौवीं कक्षा तक पढ़ा है। वह पहले गौरव नाम के युवक के पास बदरपुर इलाके में नौकरी करता था। साल 2021 में पुलिस की रेड में गौरव पकड़ा गया। गुरमीत ने खुद का कॉल सेंटर शुरू कर दिया। आरोपी नौकरी देने वाली वेबसाइट से डाटा लेकर बेरोजगारों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर पैसे ऐंंठ लेते थे। क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 प्रभारी महेंद्र सिंह की अगुवाई में एएसआई जितेंद्र, हवलदार संदीप, अनूप, सिपाही ओमबीर, योगेश व महिला सिपाही की टीम ने सेक्टर-19 स्थित अमर टैक्स कॉम्पलेक्स में छापा मारकर गिरोह का पर्दाफाश किया था।