एनी-डेस्क व रेस्ट डेस्क एप के माध्यम से 100 से ज्यादा वारदात को दे चुके अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर थाना की टीम ने देशभर में ठगी की 100 से ज्यादा वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसीपी साइबर क्राइम अभिमन्यु गोयत ने बताया कि आरोपियों की पहचान झारखंड के देवघर निवासी दिलकश अंसारी, मिस्टर अंसारी, शमशाद नूरानी, सरफराज अंसारी, पंजाब के लुधियाना निवासी सूरज कुमार, गगन गिल और झारखंज के हजारीबाग निवासी मुस्ताक आलम उर्फ अरमान के रूप में हुई है। इंस्पेक्टर बसंत कुमार की अगुवाई में एसआई राजेश, एएसआई सत्यवीर, सिपाही अमित, युद्धवीर, अंशुल कुमार व महिला सिपाही प्रीति की टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने सर्च इंजन गूगल पर एमेजन, फि्लपकार्ट, स्नैपडील और मीशो जैसी कंपनी के कस्टमर केयर में अपना फर्जी मोबाइल नंबर दर्ज करा रखा था। कोई भी ग्राहक गूगल से कस्टमर केयर का नम्बर सर्च करता तो उसे आरोपियों का नंबर मिलता। ग्राहक उसे कस्टमर केयर का नंबर जानकर फोन करता। आरोपी ग्राहक को बातों में उलझाकर मोबाइल में एनी-डेस्क या रेस्ट डेस्क एप डालनलोड कराकर उनका बैंक खाता खाली कर देते थे। आरोपियों ने सेक्टर 21 डी निवासी सुधा शर्मा से 4.16 लाख की ठगी की थी। साइबर थाना एनआईटी टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वह थर्ड पार्टी एप के माध्यम से निजी जानकारी हासिल करने के बाद बैंक खाता खाली कर लेते हैं।
एसीपी अभिमन्यु गोयत का कहना है कि आधुनिक दौर में प्रत्येक व्यक्ति समय के अभाव में ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता देता है। समस्या होने पर ऑफिस में जाने की बजाय गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर ढूंढते हैं। साइबर ठगों ने कस्टमर केयर के नंबर की जगह अपना नंबर डाला हुआ है। जानकारी के अभाव में लोग उसे असली कस्टमर केयर नंबर समझ लेते हैं और ठगी के शिकार हो जाते हैं। आरोपियों ने शिकायकर्ता को रेस्क डेस्क नाम का ऐप डॉउनलोड कराकर 10 रुपये का ऑनलाइन पेमेंट करने को कहा। एप डॉउनलोड करते ही शिकायतकर्ता के फोन का एक्सेस ठगों के पास चला गया। उसने सारी जानकारी हासिल कर पीड़ित के 4.16 लाख रुपये ठग लिए।
सभी का काम बंटा हुआ था
आरोपियों में सभी का काम आपस में बंटा हुआ था। आरोपी दिलकश अंसारी, मिस्टर अंसारी, शमशाद नूरानी औऱ सरफराज अंसारी कॉलर बनकर लोगो से जानकारी लेते थे। आरोपी सूरज कुमार और गगन गिल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। आरोपी मुस्ताक आलम उर्फ अरमान पैसे रिसीवर का काम करता है। पुलिस ने आरोपी मुस्ताक को 21 जून को गिरफ्तार कर 3 जुलाई तक रिमांड पर लिया है। सूरज को पूछताछ के बाद अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। आरोपी गगन 27 जून तक रिमांड पर है। आरोपी दिलकश अंसारी, मिस्टर अंसारी, शमशाद नूरानी औऱ सरफराज अंसारी को 12 जून को गिरफ्तार कर 27 जून तक रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ में 5 मोबाइल व 47000 रुपये बरामद किए गए हैं। वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।