अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उपाधि (डिग्रियां) दीं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति की चुनौतियों का सामना करने और इससे पैदा होने वाले अवसरों का लाभ उठाने के लिए देश में जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थानों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। राष्ट्रपति विश्वविद्यालय में करीब एक घंटे रहीं। कुल 1536 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को इस अवसर पर उपाधियां मिलीं। राष्ट्रपति से डिग्री लेकर विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दीक्षांत समारोह पर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में उपाधि प्राप्त कर रहे 13 शोधार्थियों में आठ छात्राएं हैं। यह दर्शाता है उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में हमारी बेटियां आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 43 प्रतिशत बेटियां हैं। वह चाहती हैं कि यह अनुपात और बेहतर हो। राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह में सुझाव दिया कि शिक्षण संस्थानों को पूर्व छात्र संघ के योगदान को भी मजबूत एवं प्रभावशाली बनाना चाहिए।
दीक्षांत समारोह के दौरान वर्ष 2023 में अपनी डिग्री पूरी करने वाले 1536 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई। इनमें 998 स्नातक, 525 स्नातकोत्तर और 13 शोधार्थियों को उपाधि मिली। उपाधि प्राप्त करने वालों में 874 छात्र और 662 छात्राएं हैं। समारोह में दो मेधावी छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया, जिनमें से 75,000 रुपये राशि का एक राज्यपाल-कुलाधिपति स्वर्ण पदक ओवरऑल बीटेक टॉपर छात्रा इशिता जुनेजा को दिया गया। 65,000 रुपये राशि का एक मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक ओवरऑल बीटेक गर्ल्स टॉपर छात्रा काजल शर्मा को दिया गया।
राष्ट्रपति ने महान वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बोस को आधुनिक विज्ञान का अग्रदूत बताते हुए कहा कि उनका नाम सुनते ही प्रत्येक भारतीय को गर्व की अनुभूति होती है। राष्ट्रपति ने वनस्पति विज्ञान एवं रेडियो विज्ञान में जेसी बोस के अध्ययन एवं अनुसंधान का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थी उनके जीवन एवं कार्यों से प्रेरणा लेकर टेक्नोलॉजी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल हरियाणा एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने की। राज्यपाल ने राष्ट्रपति की उपस्थिति में विद्यार्थियों को उपाधि, पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा सहित हर क्षेत्र में हरियाणा की बेटियां आगे बढ़ रही हैं। इससे पहले कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने विवि की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, पुलिस आयुक्त ओपी नरवाल, जिला उपायुक्त विक्रम सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
छात्र-छात्राएं पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में नजर आए
दीक्षांत समारोह में सभी छात्र-छात्राएं पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में नजर आए। छात्राएं जहां साड़ी और सलवार सूट में नजर आईं। वहीं, छात्रों ने कुर्ता-पायजामा पहना हुआ था। विश्वविद्यालय की ओर से यह ड्रेस कोड दिया गया था। कुछ वर्ष पूर्व इस विश्वविद्यालय में अन्य विवि की तरह काला कोट और हैट पहना जाता था। अभी हाल ही में भारतीय वेशभूषा को महत्व दिया गया है।
जेसी बोस यंग साइंटिस्ट अवार्ड को राष्ट्रपति मुर्मू ने सराहा
राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वविद्यालय में जेसी बोस यंग साइंटिस्ट अवार्ड की शुरूआत तथा शोध के लिए सीड मनी जैसे प्रावधानों का उल्लेख करते हुए शोध को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा औद्योगिक एवं अकादमिक संस्थानों के साथ समझौतों तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा विश्वविद्यालय में स्थापित सेंटर आफ एक्सीलेंस जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
नई शिक्षा नीति पर बोलीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी अनुसंधान एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि विश्वविद्यालय द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने तथा उसके लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने की पहल की जा रही है।
पांच दशकों से विवि युवाओं को कौशलवान बना रहा
राष्ट्रपति ने कहा कि विवि पांच दशकों से अधिक समय से युवाओं को कौशलवान एवं आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों की एक प्रभावशाली सूची है जो देश-विदेश में कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं और विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता एवं परामर्श प्रदान करने में मदद कर रहे हैं।