ट्रीट किया गया पानी ग्रीन बेल्ट, पार्कों और औद्योगिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सीवरेज व्यवस्था को सुधारने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने बादशाहपुर और मिर्जापुर में दो नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने की मंजूरी दी है। इस योजना से जहां सीवरेज प्रबंधन को मजबूती मिलेगी, वहीं शहर को हरियाली की भी सौगात मिलेगी। दोनों एसटीपी से ट्रीट किया गया पानी ग्रीन बेल्ट, पार्कों और औद्योगिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शहर में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम उठेगा।
योजना के तहत बादशाहपुर में 45 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक एसटीपी और मिर्जापुर में 20 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाएगा। ये परियोजनाएं इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर पूरी होंगी। डिजाइनिंग से लेकर संचालन और रखरखाव तक की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी को दी जाएगी, ताकि काम की गुणवत्ता और दक्षता बनी रहे।
एफएमडीए के अधिकारियों के अनुसार दोनों प्लांट्स से निकला शुद्ध पानी पार्कों और हरित पट्टियों तक पहुंचाया जाएगा। इससे शहर की ग्रीन बेल्ट को निरंतर सिंचाई का स्रोत मिलेगा और हरियाली बढ़ेगी। गंदे पानी के सीधे बहाव पर रोक लगने से यमुना और जलाशयों में प्रदूषण भी घटेगा। गुणवत्ता पर जोर देते हुए प्राधिकरण ने थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया है, जो निर्माण और संचालन की हर गतिविधि की निगरानी करेगी। केवल वही एजेंसियां इस काम में भाग ले सकेंगी जिन्हें क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी से मान्यता प्राप्त है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने पहल का स्वागत किया
स्थानीय निवासियों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना से न केवल सीवरेज की समस्या हल होगी, बल्कि फरीदाबाद की ग्रीन बेल्ट को नई जान मिलेगी। शहर में प्रदूषण घटेगा और आमजन को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। निवासियों का मानना है कि ट्रीट किया गया पानी ग्रीन बेल्ट और पार्कों तक पहुंचने से फरीदाबाद न केवल और हरा-भरा होगा बल्कि यह पहल जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी होगी। साथ ही, उद्योगों को भी वैकल्पिक पानी का स्रोत मिलेगा जिससे भूजल पर दबाव घटेगा।
प्रदूषण और जल संकट दोनों से राहत मिलेगी
पर्यावरणविदों का कहना है कि यदि इन एसटीपी से पानी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हरियाली को बढ़ाने में किया जाए तो फरीदाबाद प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ हरियाली का मॉडल शहर बन सकता है। आने वाले समय में जब ये प्लांट चालू होंगे, तब शहरवासियों को प्रदूषण और जल संकट दोनों से राहत मिलेगी। इस योजना से निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा क्योंकि स्वच्छ और हरा-भरा शहर विकास और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। कुल मिलाकर, बादशाहपुर और मिर्जापुर के एसटीपी सिर्फ सीवरेज प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि फरीदाबाद को हरियाली की नई पहचान देंगे।
इन दोनों परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। आने वाले दिनों में लोगों को इनका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। - अंकित, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए