फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीवर में सफाई के दौरान दम घुटने से दो मजदूरों की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। संजय कॉलोनी स्थित 33 फुट रोड पर सीवर की सफाई के दौरान दम घुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी इब्राहिम (30) और सलमान (32) के रूप में हुई है। दोनों सेक्टर-9 स्थित झुग्गियों में रहते थे। मनीष नाम के ठेकेदार को नगर निगम की ओर से सीवर लाइन की सफाई का ठेका दिया गया है। सोमवार सुबह 33 फुट रोड पर मशीन से सीवर की सफाई चल रही थी। इब्राहिम और सलमान को सफाई के लिए मैनहोल में उतारा गया। दोनों ने सेफ्टी बेल्ट और ऑक्सीजन मास्क लगाया था। सीवर के अंदर जाने के बाद काफी देर तक कोई हरकत महसूस नहीं हुई तो बाहर खड़े मजदूरों ने दोनों को सेफ्टी बेल्ट खींचकर बाहर निकाला। दोनों बेहोशी की हालत में थे। दोनों को तुरंत बादशाह खान सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मजदूरों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
विज्ञापन

सीवर में सीधे छोड़ा जा रहा डेयरी वेस्ट
फरीदाबाद। सेक्टर-23 संजय कॉलोनी स्थित 33 फुट रोड पर सोमवार को सीवर मैनहोल में उतने से हुए दो दिहाड़ी मजदूरों की मौत की वजह स्थानीय लोग डेयरी वेस्ट (गोबर) को मान रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में अवैध डेयरियां है। इससे निकालने वाला गोबर सीधा सीवर में छोड़ा जाता हैं। इससे सीवर लाइन में गैस बनती है, सोमवार को मजदूरों की मौत का हादसे के लिए इसे ही कारण माना जा रहा है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण दम घुटना ही बताया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार कॉलोनी में अलग-अलग जगहों पर करीब 20 डेयरियां चल रही है। 33 फुट रोड पर करीब पांच डेयरी हैं। यह सभी घरों में चल रही हैं। इन डेरियों में पशुओं के गोबर निस्तारण की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। डेयरी संचालक गोबर को आसपास मैदान में फेंकते हैं या सीवर लाइन में डालते हैं। मुख्य सड़क पर पड़ी सीवर लाइन करीब चार इंच की है। इससे सीवर लाइन अक्सर जाम रहती है। सीवर की चौड़ाई कम होने के कारण इसमें गैस बनती है। आशंका है कि सोमवार को दो मजदूरों की मौत का कारण यही गैस बनी।
विज्ञापन

चालान के डर से सीवर में डालते हैं गोबर
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम अभियान चलाृ रहा है। अभियान के तहत खुले मैदान में गोबर और घरों का कूड़ा फेंकना मना है। गोबर फेंकने पर निगम की ओर से लोगों के चालान भी किए जाते हैं। इस डर से डेयरी संचालक गोबर को सीधे सीवर में डाल रहे हैं।
ऑक्सीजन मास्क के बावजूद गई जान
सीवर में ऑक्सीजन मास्क लगा होने के बावजूद मजदूरों की जान चली गई। मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर सतपाल का कहना है कि मजदूर सेफ्टी बेल्ट व ऑक्सीजन मास्क लगाकर सीवर में उतरे थे। यह जांच का विषय है कि इसके बावजूद दोनों की जान कैसे गई। अंदेशा है कि या तो मास्क पुराना था या फिर उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं रही हो। मृतकों के परिजनों ने किसी के खिलाफ शिकायत नही दी है। मृतक सलमान की पत्नी शाबिदा ने बताया कि ठेकेदार ने दोनों मृतकों के परिवार को सात - सात लाख रुपये देने की बात कही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को दे दिया है।
चालान के डर से डेयरी संचालक सीवर लाइन में गोबर को डाल रहे है। इस समस्या के समाधान के लिए योजना बनाई जा रही है। योजना के तहत डेयरियां से गोबर इकठ्टा किया जाएगा। इसके बाद भी अगर लोग सीवर में या खुले स्थानों पर गोबर फेंकते पकड़े जाएंगे तो भारी भरकम जुर्माने के साथ पशु भी जब्त किए जाएंगे।- यशपाल यादव, नगर निगम आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें