आरोप है कि कहासुनी के बाद एक पक्ष के समर्थन में कई लोग मौके पर पहुंच गए। इनमें गांव के पूर्व सरपंच केशव, उसके भाई अजय, पिता हरिदत्त, लखन तथा अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि उनके पास लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और अन्य हथियार थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई और फायरिंग भी की गई।
घायल सुनील के भतीजे सुमित बैसला ने आरोप लगाया कि उसके चाचा पर जान से मारने की नीयत से हमला किया गया। सुमित के अनुसार उसके भाई बिट्टू ने फोन कर सूचना दी कि सुनील को गोली लगी है। मौके पर पहुंचने पर उसे मारपीट और फायरिंग की जानकारी मिली। परिजनों का आरोप है कि सुनील को दो गोलियां लगीं, जिनमें एक कंधे और दूसरी पेट में लगी।
घटना में बिट्टू और मेहतार भी घायल हुए हैं। बिट्टू के हाथ में चोट आई है, जबकि मेहतार को भी मारपीट में चोटें लगी हैं। दोनों का उपचार सिविल अस्पताल में चल रहा है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि घायलों का उपचार चलने के कारण अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।