अदालत ने सात लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पांच लाख रुपये निवेश कराने के बाद रकम वापस करने के लिए दिया गया 4.81 लाख रुपये का चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने एसआरएस बिल्डमार्ट प्राइवेट लिमिटेड समेत उसके दो निदेशकों को दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पारस चौधरी की अदालत ने कंपनी, निदेशक देवेंद्र अधाना और अनिल जिंदल को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत छह-छह माह की साधारण कैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोनों निदेशकों को शिकायतकर्ता को संयुक्त रूप से सात लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। अदालत में दर्ज मामले के अनुसार बल्लभगढ़ निवासी प्रेम प्रकाश गुप्ता ने एसआरएस बिल्डमार्ट में पांच लाख रुपये निवेश किए थे। उनका आरोप था कि कंपनी की ओर से निवेश पर अच्छा रिटर्न देने और जरूरत पड़ने पर मूल रकम ब्याज समेत वापस करने का भरोसा दिया गया था। बाद में रकम वापस मांगने पर कंपनी की ओर से 4.81 लाख रुपये का चेक दिया गया। कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरी देवेंद्र अधाना ने आठ फरवरी 2019 को चेक संख्या 094537 शिकायतकर्ता के नाम जारी किया था। चेक बैंक में जमा कराने पर 14 फरवरी 2019 को खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एक मार्च 2019 को कानूनी नोटिस भेजकर चेक की रकम का भुगतान करने की मांग की, लेकिन 15 दिन की निर्धारित अवधि में रकम का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद अदालत में शिकायत दायर की गई।