पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, सेक्टर-3 निवासी व्यक्ति ने 19 नवंबर 2025 को गूगल पर होटल में युवती उपलब्ध कराने वाली सेवा के बारे में सर्च किया था। सर्च के दौरान मिले मोबाइल नंबर पर उसने व्हाट्सऐप के जरिए बातचीत शुरू की। 22 नवंबर को दूसरे नंबर से कॉल कर उसे फरीदाबाद के एक होटल में आने और युवती उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया।
इसके बाद आरोपियों ने होटल प्रवेश, वीआईपी, जीएसटी और सेवा शुल्क समेत अलग-अलग बहाने बनाकर उससे विभिन्न बैंक खातों में कुल 2,30,800 रुपये जमा करा लिए। रकम देने के बाद भी न तो कोई सेवा उपलब्ध कराई गई और न रकम लौटाई गई।
जांच में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर सुरेश और राहुल को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, सुरेश कॉल कर रकम वसूलने और खाते व सिम उपलब्ध कराने की भूमिका में था, जबकि राहुल व्हाट्सएप पर बातचीत करता था। दोनों 12वीं तक पढ़े हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और इस्तेमाल किए गए खातों व मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।