अब ब्याज और जुर्माने के साथ लौटानी होगी रकम
जियो फाइबर कनेक्शन न लगने पर भी वापस नहीं दिए थे पैसे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अगर इरादे पक्के हों तो हक की लड़ाई जीती जा सकती है। सेक्टर-29 की रहने वाली मधुस्मिता पाणि ने महज सात हजार रुपये के रिफंड के लिए करीब ढाई साल तक संघर्ष किया और आखिरकार उपभोक्ता अदालत से जीत हासिल की।
अक्टूबर 2023 में मधुस्मिता ने जियो फाइबर का नया कनेक्शन लेने के लिए 7072 रुपये जमा किए थे। तकनीकी कारणों से कंपनी ने कनेक्शन नहीं लगाया और ऑर्डर रद्द कर दिया। कंपनी बार-बार दावा करती रही कि उन्होंने पैसे वापस कर दिए हैं, लेकिन मधुस्मिता के बैंक खाते में कुछ नहीं आया। उन्होंने दर्जनों ईमेल किए, बैंक के चक्कर काटे, पर हर बार कंपनी का एक ही जवाब मिलता पैसे भेज दिए गए हैं, अपने बैंक से पता करें।
जब कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग में मधुस्मिता ने अपने क्रेडिट कार्ड के कई महीनों के स्टेटमेंट पेश किए, जिनसे साफ हो गया कि पैसे कभी वापस आए ही नहीं। आयोग ने माना कि कंपनी ने न सिर्फ सेवा में कमी की, बल्कि ग्राहक को परेशान भी किया। आयोग ने कंपनी को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि मूल राशि 7072 ब्याज सहित वापस करें। मानसिक परेशानी के लिए 2200 रुपये अलग से दें। केस लड़ने का खर्च 1100 भी कंपनी भरेगी। यह आदेश 30 दिन के भीतर लागू करना होगा।