साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने पकड़े आरोपी
शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर हुई थी 8.64 लाख की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर ठगों को बैंक खाता बेचने वाले दो आरोपियों रोहित मिश्रा और मोहम्मद अजीज उर्फ मोना को साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। रोहित मिश्रा दिल्ली के सरिता विहार जबकि मोहम्मद अजीज उर्फ मोना मूल रूप से यूपी हरदोई का निवासी है और अब दिल्ली के गांव मदनपुर डबास में रहता है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि रोहित खाता धारक है और इसके खाते में ठगी के 40 हजार रुपये आए थे। आरोपी ने खाते को 25 हजार रुपये में मोहम्मद अजीज को बेचा था। आरोपी मोहम्मद अजीज ने खाते को आगे 44 हजार रुपये में बेचा था। आरोपी अजीज बीए पास और रोहित 12वीं पास है। आरोपी अजीज लोगों से संपर्क कर उनके खाते खुलवाता था। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जमानत मिल गई। इससे पहले मामले में आरोपी राजबीर को गिरफ्तार किया जा चुका है। उसमें खाते में ठगी के 5.73 लाख रुपए आए थे।
शेयर बाजार में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 8.64 लाख रुपये की ठगी को लेकर ये एफआईआर साइबर क्राइम थाना एनआईटी में दर्ज हुई थी। एनआईटी 5 नंबर के रहने वाले व्यक्ति ने इंस्टाग्राम रील देखकर क्लिक किया तो उसे ग्रुप में जोड़ दिया गया। फिर व्हाट्सएप के जरिये आरोपियों ने संपर्क किया और आरोपियों के झांसे में आकर 9.44 लाख रुपये निवेश कर दिए। इसमें से 80 हजार रुपये निकाल लिए। लेकिन बाद में और रिफंड नहीं करने दिया गया। पुलिस टीम अब तक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।