फरीदाबाद। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन ने पंचायती ट्यूबवेल ऑपरेटर के रुके हुए मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय के अधीक्षक मोहनलाल को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को सुबह विभिन्न गांव में जल वितरण के कार्यों पर लगे हुए ट्यूबवेल आपरेटर राजस्थान भवन के सामने सेक्टर-12 में एकत्रित हुए। यहां से नारे लगाते हुए डीसी कार्यालय के समक्ष पहुंचे। अध्यक्षता जिले के वरिष्ठ उपप्रधान कुंवर पाल दयालपुर जबकि संचालन जिला सचिव गांधी सेहरावत ने किया। पूर्व प्रांतीय प्रधान वीरेंद्र सिंह डंगवाल विशेष ने पंचायत एवं विकास विभाग के अधिकारियों पर ट्यूबवेल ऑपरेटर के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारी इन कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। महानिदेशक विकास एंड पंचायत विभाग हरियाणा चंडीगढ़ ने 26 मार्च को ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटर के मानदेय के भुगतान हेतु दिशा निर्देश जारी किए थे। इन आदेशों के जारी होने के बाद भी अभी तक भी ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटर को वेतन की अदायगी नहीं की गई है। इतना ही नहीं पंचायत विभाग के अधिकारियों ने इन कर्मचारियों को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के द्वारा जो 4629 रुपये का मानदेय दिया जाता था। उस पर भी रोक लगा दी। लेकिन, जुलाई 2019 से बढ़े हुए वेतन 10447 रुपये का भुगतान अभी तक नहीं किया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि लाभार्थियों का वेतन समय पर वितरित नहीं किया गया तो यूनियन आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होगी। इस मौके पर गांधी सहरावत, राजकुमार, मोहनलाल गौतम, पूर्ण सिंह दहिया आदि मौजूद रहे।