कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे पर सोमवार रात दो बजे बिसरू मेवात निवासी चालक सोहराव (21) और ककराला भरतपुर निवासी हेल्पर मनीष (19) ट्राला में रोड़ी भरकर फिरोजपुर झिरका से नोएडा लेकर जा रहे थे। मौजपुर टोल पर ट्राला केएमपी से बाहर निकलने वाला था। इस दौरान अनियंत्रित होकर ट्राला मौजपुर टोल के पास बने डिवाइडर से टकरा गया। हादसे के तुरंत बाद ट्राले में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि चालक व हेल्पर को ट्राले से निकलने का मौका नहीं मिला। दोनों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। घटना की सूचना दमकल विभाग और थाना छायंसा पुलिस को दी गई। पुलिस ने जले हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
चार घंटे तक जलता रहा ट्राला
घटना की सूचना 112 फायर ब्रिगेड को दी गई। जिसके बाद एक गाड़ी तुरंत आईएमटी दमकल कार्यालय से गई थी। पहली गाड़ी का पानी खत्म होने के बाद बल्लभगढ़ फायर स्टेशन से एक अन्य दमकल वाहन की मांग की गई। दोनों गाड़ियों ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान चालक व हेल्पर दोनों की जलकर मौत हो चुकी थी।
ओवरलोड होने की वजह से हुआ हादसा
ट्राले में रोड़ी ओवरलोड थी। केएमपी से उतरते वक्त स्पीड ज्यादा होने की वजह से ट्राला असंतुलित हो गया और डिवाइडर जा टकराया। टकराने के बाद चालक और हेल्पर निकलने वाले थे, लेकिन तुरंत आग लग गई और वह निकल नहीं पाए।
पुलिस ने दी जानकारी
सोहराव के भाई आरिफ ने बताया कि उनको मंगलवार की सुबह पुलिस के जरिए हादसे की सूचना मिली। वह तीन भाई है जिसमें सोहराव सबसे छोटे थे। वहीं हेल्पर मनीष पांच भाई है। इसमें भी मनीष सबसे ज्यादा छोटा है। दोनों में से किसी की भी शादी नहीं हुई थी। सोमवार रात को वह ट्राला लेकर निकलने थे।
ट्राला में रोड़ी भरी हुई थी। ओवरलोड होने के चलते ट्राला बेकाबू होकर टोल प्लाजा के डिवाइडर से टकरा गया। इसके चलते ट्रक में भीषण आग लग गई और दोनों की जलकर मौत हो गई। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
-विनोद, उपनिरीक्षक थाना छायंसा