फरीदाबाद। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर शुक्रवार को केवल 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीकाकरण किया जाना था। हालांकि इसके लिए 46 केंद्रों पर केवल टीकाकरण की सुविधा रखी गई। केवल एक केंद्र पर युवाओं को टीकाकरण का मौका दिया गया। लेकिन स्थिति यह रही कि ज्यादातर केंद्र खाली पड़े रहे। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सरकार की ओर से 45 से अधिक उम्र वालों के लिए टीकाकरण की खेप अलग से दी जाती है, वहीं 18 वर्ष से अधिक वालों के लिए अलग खेप आ रही है। रोस्टर तैयार कर लोगों को सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
शुक्रवार को जिले में केवल 45 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए टीके उपलब्ध रहे। ऐसे में एक दिन पूर्व जारी टीकाकरण प्लान में केवल 45 वर्ष से अधिक वालों का टीकाकरण की योजना तैयार की गई। उधर टीकाकरण केंद्र पर भी 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले कम ही लोगों का रुझान टीकाकरण केंद्र पर दिखाई दिया। ज्यादातर केंद्र खाली रहे। इस बीच टीकाकरण के लिए पहुंचे युवा वर्ग को बिना टीकाकरण के ही लौटा दिया गया। इससे युवाओं में रोष रहा और टीकाकरण केंद्र व्ी सूने नजर आए। बीके सिविल अस्पताल के टीकाकरण केंद्र पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन गिनती के लोग ही टीकाकरण केंद्र पर पहुंचे। जिले में फिलहाल तीन निजी अस्पतालों में टीकाकरण की सुविधा शुरू हो चुकी है। निजी केंद्रों पर दोनों वर्गों के लिए टीकाकरण जारी रहा। अलग-अलग अस्पताल में टीकाकरण के लिए आर्थिक भुगतान अलग है। न्यूनतम 900 से 950 रुपये तक के खर्च पर टीकाकरण हो रहा है। शुक्रवार को तीनों अस्पतालों में टीकाकरण जारी रहा।
वर्जन-
वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार ही टीकाकरण के सेशन आयोजित किए जा रहे हैं। शुक्रवार को केवल 45 साल तक की उम्र के लोगों को ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीके लगाए गए। विभाग के पास केंद्र और राज्य सरकार की ओर से टीके की खेप उपलब्ध कराई जाती है। युवाओं के लिए टीके राज्य सरकार मुहैया करा रही है और 45 वर्ष से अधिक वालों के लिए केंद्र की ओर से खेप मुहैया कराई जा रही है। - डॉ. राजेश श्योकंद, टीकाकरण नोडल
ग्रामीण सर्वे पूरा, कुछ गांवों में फिर से शुरू
ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए चलाए गए हरियाणा विलेजर्स जनरल हेल्थ स्कीम के तहत फरीदाबाद जिले का सर्वे पूरा हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने यहां पर 3 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर 7 हजार से अधिक लोगों के सैंपल लिए हैं। सर्वे की शुरुआत जिले में 15 मई से की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डोर टू डोर लोगों की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही संदिग्ध लोगों के सैंपल लेकर उनकी जांच भी की। जिले में इस अभियान के तहत 3 लाख 12 हजार 972 लोगों की स्क्रीनिंग करने का काम किया गया। खांसी, जुकाम व बुखार जैसे लक्षण मिलने वाले 7345 लोगों के रैपिड एंटीजन टेस्ट भी किए गए। इस दौरान जिले में कुल 51 कोरोना संक्रमित मिले। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गांवों में सैंपलिंग का पॉजिविट रेट 0.69 रहा। सर्वे के नोडल अधिकारी डॉ. एससी भगत ने बताया कि स्कीम के तहत स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है। कुछ गांवों में फिर से स्क्रीनिंग का काम शुरू किया है। इसके साथ ही गांवों में आरटीपीसीआर सैंपल भी लिए गए हैं।
फोटो फाइल- 10, 11 सूने पड़े टीकाकरण केंद्र की फोटो। टीकाकरण करते स्वास्थ्य कर्मी की फोटो