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Faridabad News: कैंसर पीड़ित भाई का हिस्सा दोबारा बेटों के नाम कराया

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बहनों समेत चार पर प्राथमिकी, तहसील रिकॉर्ड की जांच के बाद कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-5 स्थित मकान में अपने भाई के नाम पहले ही हस्तांतरित किए जा चुके हिस्से की जमीन को दो बहनों पर अपने बेटों के नाम दोबारा पंजीकृत कराने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता पिंकी के अनुसार, उनके पति सतीश कुमार कैंसर से पीड़ित हैं।
शिकायत की जांच में पुलिस ने पाया कि गीता रानी और संतोष कुमारी ने वर्ष 2020 में अपना हिस्सा भाई सतीश कुमार के पक्ष में हस्तांतरित कर दिया था। इसके बावजूद 2025 में वही जमीन उनके बेटों मनीष कुमार और पंकज के पक्ष में पंजीकृत कराई गई। जांच के बाद एनआईटी थाना पुलिस ने चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एनआईटी स्थित 233 वर्गगज का मकान वर्ष 1982 में ताराचंद के नाम कन्वेयंस डीड के तहत हुआ था। ताराचंद की फरवरी 1998 में और उनकी पत्नी रामकली की चार नवंबर 2005 को मृत्यु हो गई थी। उनकी बेटियां गीता रानी और संतोष कुमारी ने अपने हिस्से का अधिकार अपने सगे भाई सतीश कुमार के पक्ष में दस्तावेज के माध्यम से 10 जुलाई 2020 को हस्तांतरित कर दिया था।
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पिंकी ने 29 अप्रैल 2026 को डीसीपी एनआईटी कार्यालय में शिकायत देकर आरोप लगाया कि दोनों बहनों ने अपने बेटों मनीष कुमार और पंकज के साथ मिलकर पहले हस्तांतरित की जा चुकी जमीन को दोबारा उनके पक्ष में करा दिया। पुलिस जांच के अनुसार 93.2 वर्गगज जमीन का दस्तावेज के तहत 16 मई 2025 को पंजीकरण कराया गया। जांच के दौरान पुलिस ने बड़खल और बल्लभगढ़ तहसील कार्यालय से रिकॉर्ड हासिल किए। पुलिस के अनुसार, वारिसान प्रमाणपत्र में मृतक फकीर चंद को वारिस दर्शाया गया, जबकि उनके निधन के बाद उनके बच्चों के वारिस होने की जानकारी दर्ज नहीं की गई। शिकायत में आरोप है कि इसी आधार पर नगर निगम से नई प्रॉपर्टी आईडी भी बनवाई गई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर एनआईटी थाना ने तीन सितंबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत गीता रानी, संतोष कुमारी, मनीष कुमार और पंकज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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