ऑटो चालकों चालक उठा रहे हैं फायदा, वसूल रहे मनमाना किराया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में धुंध के चलते वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बसें और ट्रेनों को अपने निर्धारित स्थान पर समय पर पहुंचने में देरी हो रही है। इसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। इसका सीधा मुनाफा ऑटो चालकों को हो रहा है। ऑटो चालक सवारियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
लोगों का कहना है कि ट्रेनें स्टेशन पर देरी से पहुंच रही हैं। इसके कारण उन्हें प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। इसके साथ ही अधिक धुंध होने के चलते बसें भी निर्धारित स्थानों पर घंटों देरी से पहुंच रही हैं। यात्री चंचल का कहना है कि वे प्रतिदिन नौकरी करने के लिए पलवल जाती हैं। लेकिन, ट्रेन के लेट आने के चलते उन्हें अपने दफ्तर पहुंचने में देरी हो जाती है।
चार से पांच घंटे तक देरी से पहुंचीं ट्रेनें
सोमवार को स्टेशन पर ट्रेनें चार से पांच घंटे तक देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ही कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। पुरी से योग नगरी ऋषिकेश के लिए चलने वाली उत्कल कलिंग एक्सप्रेस फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर करीब पांच घंटे देरी से पहुंची। ट्रेन को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर स्टेशन पहुंचना था, जोकि शाम पांच बजकर 11 मिनट पर पहुंची। वहीं, झेलम एक्सप्रेस तीन घंटे 12 मिनट देरी से पहुंची। इसे अलावा ईएमयू ट्रेनें भी करीब दो घंटे देरी से पहुंचीं। केरला एक्सप्रेस दो घंटा 53 मिनट देरी से पहुंची। ट्रेन को 12 बजकर 30 मिनट पर स्टेशन पर पहुंचना था, लेकिन ट्रेन तीन बजकर 23 मिनट पर पहुंची। सचखंड एक्सप्रेस ट्रेन भी तीन घंटा 13 मिनट देरी से स्टेशन पर पहुंची।
इससे यात्रियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि पहले से ही ट्रेनें देरी से पहुंचती हैं और अब कोहरे के कारण और भी ज्यादा देरी होगी। इससे यात्रियों को काफी परेशानी होगी। वहीं, यात्री राम निवास ने बताया कि धुंध के चलते बसें भी देरी से पहुंच रही है। इससे यात्रियों को बस के इंतजार में बैठे रहना पड़ता है। सर्दी का मौसम है, बच्चों और बुजुर्गों के लिए काफी नुकसानदायक है। इससे बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ सकते हैं। यदि बस को छोड़कर ऑटो का सहारा लिया जाता है तो ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। मजबूरन लोगों को उनके मन मुताबिक रुपये देने पड़ते हैं।