थीम स्टेट ओडिशा के व्यंजनों का चख सकेंगे स्वाद
प्रशांत दीक्षित
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेला में थीम स्टेट ओडिशा के कलाकार बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे। उस कारण पर्यटक जनजाति मुंडा, संथाल, जुआंग, खोड़ आदि की जीवनशैली से परिचित हो सकेंगे। मेले के फूड कॉर्नर में ओडिशा के व्यंजनों का स्वाद भी चखने को मिलेगा। उसके लिए मेला परिसर में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
अरावली की वादियों में सात फरवरी से लेकर 23 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आयोजन होगा। इस साल मेले के थीम स्टेट ओडिशा और मध्य प्रदेश हैं। इससे पहले ओडिशा 1993 में सूरजकुंड मेले का थीम स्टेट रह चुका है। थीम स्टेट के कलाकारों को दूसरे राज्यों से अधिक स्टॉल देकर मेला में अलग जोन तैयार किया जाता है। इस बार मेला में बड़ी संख्या में ओडिशा की जनजातीय मुंडा, संथाल, जुआंग, खोड़, सौरा, बोंडा, कोया आदि के कलाकार शिरकत करेंगे।
उनकी मिट्टी और फूस से बनी झोपड़ियां जनजातीय लोगों की अनूठी परंपराओं का अनुभव करवाएंगी। पर्यटक आदिवासियों की संस्कृति, त्योहार, पोशाक, व्यंजनों, विरासत, जीवनशैली और धार्मिक मान्यताओं से अच्छे से परिचित हो सकेंगे। मेले में जनजातीय जीवनशैली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती नजर आएंगी। उसके साथ ही कलाकार अपने जनजातीय नृत्य से पर्यटकों का मनोरंजन करेंगे। पर्यटकों के पास जनजातीय जीवनशैली जानने का मौका होगा।
जगन्नाथ मंदिर के दर्शन भी होंगे
इस बार सूरजकुंड मेले के फूड कॉर्नर में ओडिशा के व्यंजनों का पर्यटकों को स्वाद चखने को मिलेगा। जहां में छेना पोडा, चुंगड़ी मलाई, पखला भाटा, माचा, दालमा, खींच, माचा, दही-वड़ा मिलेगा। पर्यटकों को जगन्नाथ मंदिर के दर्शन भी सूरजकुंड मेले में होंगे। ओडिशा के कलाकारों ने मेला परिसर में अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।