संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सनातन धर्म में अहोई अष्टमी के व्रत का बहुत ज्यादा महत्व होता है। शुक्रवार को जहां सुहागन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था। वहीं सोमवार को सभी महिलाएं अपने बच्चों की लंबी आयु के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखेंगी। इसको लेकर रविवार को महिलाएं खरीदारी करती हुई नजर आई। इस दिन भी महिलाएं नए वस्त्र पहनती है। वहीं बच्चों की पसंद का खाना बनाती हैं। पंडित पंकज तिवारी ने बताया कि इस व्रत को माता पार्वती का रूप भी माना जाता है। जिसमें अहोई माता की पूजा की जाती है। इसलिए सभी माताएं अपने बच्चों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य, जीवन में प्रगति और संतान प्राप्ति के लिए इस व्रत को रखती हैं।
बाजारों में रही भीड़
जिस तरीके से सुहागिनों के लिए करवा चौथ का व्रत महत्वपूर्ण होता है। वहीं सभी माताओं के लिए अहोई अष्टमी का व्रत काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दिन सभी महिलाएं नए वस्त्र पहनती हैं। इसी वजह से रविवार को एनआईटी, बल्लभगढ़, सेक्टर- 16, जवाहर कॉलोनी आदि के बाजारों में भीड़ देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर ज्वेलरी की दुकानों पर भी भीड़ देखने को मिली। क्योंकि इस दिन महिलाएं चांदी के मोतियों की माला पहन कर कहानी सुनती हैं। इसलिए ज्वेलरी की दुकानों पर महिलाएं चांदी का मोती खरीदती हुई नजर आई।