फरीदाबाद। मिक्सोपैथी के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर निजी अस्पतालों में शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहेंगी। एसोसिएशन का दावा है कि करीब 300 क्लीनिक और छह कॉरपोरेट अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों ने बंद में समर्थन दिया है। ऐसे में आज 12 घंटे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी संस्थानों में इसका कोई प्रभाव नहीं रहेगा।
केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर आयुर्वेदिक डॉक्टरों को भी ऑपरेशन की अनुमति दी है। इसके तहत पीजी में आयुर्वेदिक डॉक्टर को ऑपरेशन के बारे में पढ़ाया जाएगा। ऐलोपैथी से डॉक्टरी करने वाले डॉक्टर इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह मरीजों की जान के लिए घातक साबित हो सकता है। आईएमए की जिला प्रधान डॉ. पुनिता हसीजा ने बताया कि सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन ने 19 नवंबर को नोटिफिकेशन जारी कर आयुर्वेदिक डॉक्टरों को मॉर्डन मेडिसिन (एलोपैथी) सर्जरी की अनुमति दी है। सीमित समय में सभी तरह के ऑपरेशन का प्रशिक्षण देकर पेशे व मरीजों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
वहीं, मौजूदा नियमों के अनुसार 10 से 12 वर्ष के अनुभव के साथ पेशेवर सर्जरी की अनुमति होती है। सरकार आयुर्वेद व आयुर्वेदिक डॉक्टरों को उनके पेशे के अनुसार कार्य की अनुमति दे, तो यह सभी के लिए हितकर होगा। आईएमए के मीडिया प्रभारी डॉ. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि सभी निजी अस्पतालों में सुबह 6 से शाम 6 बजे तक 12 घंटे के लिए ओपीडी बंद रखी जाएंगी। इस दौरान इमरजेंसी, ओपीडी व कोरोना संबंधित सेवाओं को जारी रखा जाएगा। जिले में आईएमए से लगभग एक हजार डॉक्टर जुड़े हैं, जो इस विरोध का हिस्सा बनेंगे। इसमें सभी बड़े अस्पतालों के साथ 150 नर्सिंग होम व 300 क्लीनिक के डॉक्टर भी हिस्सा लेंगे।