साइबर अपराध थाना एनआईटी और सेंट्रल में तीन प्राथमिकी दर्ज, आरोपियों की तलाश शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अलग-अलग इलाकों में साइबर ठगी के आरोपियों ने डिजिटल भुगतान, पर्सनल लोन और बैंक खातों से अनधिकृत ट्रांजेक्शन कर तीन लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर ली है। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर अपराध थाना एनआईटी और सेंट्रल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहले मामले में राजीव कॉलोनी निवासी पीड़ित मनीष कुमार ने पुलिस को बताया कि वह एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कंपनी में काम करता है। नौ मई को जब वह कंपनी में ड्यूटी पर था, तभी शाम 4:53 बजे और 5:06 बजे उसके बैंक खाते से बिना उसकी जानकारी के यूपीआई के माध्यम से 20 हजार और 21 हजार रुपये के दो अनधिकृत भुगतान हो गए। अज्ञात आरोपी ने उसके खाते से कुल 41 हजार रुपये निकाल लिए।
दूसरे मामले में एनआईटी निवासी पीड़ित शकील ने शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात आरोपी ने उनके साथ साइबर फ्रॉड किया है। आरोपी ने 17 अप्रैल को शकील के भाई अरशद खान के बैंक खाते से करीब दो लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद उसी तारीख को शकील के अपने एक खाते से 15 हजार रुपये और अगले दिन 18 अप्रैल को दूसरे खाते से करीब दस हजार रुपये निकाल लिए। आरोपी ने दोनों भाइयों के खातों से कुल 224998 रुपये साफ कर दिए।
इसी तहर सेक्टर-18 निवासी पीड़ित कन्हैया लाल शर्मा ने बताया कि उसने पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया था। पांच अप्रैल को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉलर ने लोन स्वीकृत होने का झांसा दिया। इसके बाद आरोपी ने पांच अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच लोन प्रक्रिया के नाम पर पीड़ित से कुल 22 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। सभी मामलों में साइबर थानों ने 15 मई को प्राथमिकी दर्ज कर ली है।