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Faridabad News: 91.50 लाख की ठगी में तीन आरोपियों को नहीं मिली राहत

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सभी पक्षों को सुनकर जिला अदालत ने खारिज की जमानत याचिका
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साइबर क्राइम थाना एनआईटी में 22 जनवरी को दर्ज हुई थी एफआईआर


अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ट्रेडिंग में निवेश के बहाने 91.50 लाख रुपये की ठगी में तीन आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली। गुजरात के मोरबी जिले के निकुंज, मिलन, आशीष के अधिवक्ताओं की ओर से अलग-अलग जमानत याचिका दायर की गई। इनमें दलील दी गई कि 11 मार्च को इन्हें गुजरात से पुलिस ने गिरफ्तार किया लेकिन ट्रांजिट रिमांड के लिए गुजरात के आस-पास की अदालत में पेश नहीं किया गया। इसके साथ ही बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस भी आरोपियों को नहीं दिए जाने की दलील दी गई।
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि आरोपियों ने मिलकर एक फर्जी बैंक खाता खुलवाया। इस खाते को आगे सह-आरोपी हार्दिक को दे दिया गया। इस खाते में ठगी के 30 लाख रुपये ट्रांसफर होना बताया गया। आरोपियों ने कमीशन के लालच में ऐसा किया। सभी पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने तीनों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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मामले में साइबर क्राइम थाना एनआईटी में ये एफआईआर 22 जनवरी 2026 को दर्ज हुई थी। ठगी को लेकर पुलिस को ये शिकायत एनआईटी इलाके के रहने वाले व्यक्ति ने दी थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी फेसबुक पर एक व्यक्ति से बातचीत शुरू हुई। फिर उनकी व्हाट्सएप पर बातचीत होने लगी। कथित व्यक्ति ने उनको ट्रेडिंग इनवेस्टमेंट के बारे में बताया और अच्छा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने शिकायतकर्ता का एक ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया। ठगों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने उनके द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ट्रेडिंग के नाम पर कुल 91.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उनको न तो कोई मुनाफा मिला और न ही रकम वापस की गई। साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने एफआईआर दर्ज कर जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब आरोपियों की जमानत याचिका जिला अदालत से खारिज हुई है।
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