डेढ़ माह की बच्ची को भर्ती कराने के लिए पहुंची महिला तीन घंटे इंतजार करती रही
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में शनिवार को कमरा नंबर- 40 में कोई भी कर्मचारी पर्ची काटने के लिए मौजूद नहीं था। आपातकालीन विभाग में भर्ती करने के लिए मरीज को कमरा नंबर- 40 में पर्ची कटवानी पड़ती है। कमरे में किसी भी कर्मचारी के न होने से मरीजों को घंटों तक परेशान होना पड़ा। मरीजों ने कमरे के बाहर ही हंगामा कर दिया।
शनिवार को गीता नामक महिला कर्मचारी छुट्टी पर थी, लेकिन उनके बदले कमरे में अन्य कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई गई। इसके कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन की यह लापरवाही मरीजों को मुसीबत में डाल सकती थी। इस दौरान एक महिला सीमा अपनी डेढ़ माह की बच्ची को भर्ती कराने के लिए अस्पताल पहुंची, लेकिन कमरे में किसी के न होने से महिला ने लगभग तीन घंटे इंतजार किया।
मरीजों का कहना है कि मरीज आपातकालीन व्यवस्था में आता है। यदि उसे सुविधा न मिले, तो मरीज कहां जाएगा। इसमें सरकार और डॉक्टर का कुछ नहीं बिगड़ेगा, मरीज की जान जाएगी। सुबह 8 बजे के बाद से लगभग 11:30 बजे तक कमरे में कोई बी कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस दौरान मरीज इंतजार करते रहे। इसके बाद इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी को की गई। मामला संज्ञान में आने के बाद अन्य कर्मचारी को पर्ची काटने के लिए बिठाया गया।
मैं शुक्रवार को अवकाश पर थी। मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। जैसे ही मुझे इस बारे में पता चला, मैंने तुरंत बाहर ओपीडी पंजीकरण से एक कर्मचारी को बुलाकर 40 नंबर कमरे में ड्यूटी लगाई। इसके बाद मरीजों को परेशानी नहीं हुई। मधु, नर्सिंग स्टाफ इंचार्ज