लोगों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले की आबादी लगातार बढ़ने के बावजूद मुख्य चौक-चौराहों पर सार्वजनिक परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं है। नतीजतन लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दैनिक यात्रियों, बुजुर्गों, छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।
नीलम चौक, बाटा चौक, हार्डवेयर चौक, लखानी चौक, सेक्टर-22, सेक्टर-23, प्याली चौक सहित जिले के कई प्रमुख इलाकों में बस या अन्य सरकारी परिवहन साधनों की सुविधा न के बराबर है। मजबूरी में लोगों को ऑटो या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसका फायदा उठाकर ऑटो चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। कई बार तय दूरी से कहीं अधिक किराया मांगा जाता है, लेकिन विकल्प न होने के कारण लोग भुगतान करने को मजबूर हैं।
महिलाओं के लिए अधिक परेशानी
रात के समय स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। खासकर महिलाओं को आवागमन में असुरक्षा और परेशानी का सामना करना पड़ता है। सार्वजनिक परिवहन के अभाव में उन्हें महंगे किराए देने पड़ते हैं या फिर देर रात तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।
सरकार की ओर से केवल योजनाएं बनाई गईं
स्थानीय निवासी चंद्रराम ने बताया कि सरकार की ओर से समय-समय पर सार्वजनिक परिवहन को लेकर कई योजनाएं बनाई गईं, लेकिन वे केवल कागजों तक ही सीमित रह गईं। धरातल पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर जल्द से जल्द सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और मनमाने किराए पर भी रोक लगाई जा सके। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में जिले की यातायात व्यवस्था और भी बदतर हो सकती है।