संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बीके अस्पताल में मरीजों को कई दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल में फ्लूड से लेकर पेटदर्द तक की भी दवाइयां नहीं हैं।
बीके अस्पताल में हजारों की संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। जिसमें बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ व सामान्य रोग विशेषज्ञ के मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। उन मरीजों को डॉक्टर से उपचार लेने के बाद दवाइयां खाने के लिए कहा जाता है, लेकिन अस्पताल में मुख्य दवाइयां नहीं होने की वजह से मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीद कर अपना उपचार कराना पड़ता है।
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा आरएल और डीएनएस फ्लूड की जरूरत होती है, लेकिन इमरजेंसी में फ्लूड नहीं होने की वजह से मरीज को अपना उपचार करवाने के लिए बाहर से खरीदकर लाना पड़ रहा है। एनआईटी निवासी रोशनी ने बताया कि बच्चे को कई दिनों से बुखार है। जिसके चलते मंगलवार को इमरजेंसी में उपचार करवाने के लिए आई। इमरजेंसी के डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लगवाने के लिए कहा लेकिन फ्लूड नहीं होने की वजह से बाहर से खरीद कर उन्होंने अपने बच्चे का उपचार करवाया। ओपीडी में डॉक्टर से उपचार करवाने के बाद मरीजों को फार्मेसी से दवाइयां लेनी होंती, लेकिन फार्मेसी के पास कई महत्वपूर्ण दवाइयां नहीं होने की वजह से मरीज बाहर से लेने को मजबूर हैं। इस समय फार्मेसी में पेटदर्द की दवाई, गैस की दवा, शुगर की दवाई आदि मौजूद नहीं है। जिसकी वजह से उपचार लेने के बाद मरीजों को बाहर से दवा खरीद कर लानी पड़ती है।
कुछ दवाइयां अस्पताल में खत्म हो चुकी हैं। डिमांड भेजी जा चुकी है, इनके जल्द आने की उम्मीद है। जिसके बाद मरीजों को बाहर से कोई दवा खरीदकर नहीं लानी पड़ेगी।
- डॉ. हिमानी, प्रशासनिक अधिकारी बीके अस्पताल