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Faridabad News: बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियां फैलने का खतरा

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फंगल इंफेक्शन, आंखों में ड्राइनेस व चकत्ते-एलर्जी के मिलने लगे मरीज, प्रशासन तेजी से कर रहा है लोगों की जांच
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मेडिकल टीमें तैनात, बाढ़ प्रभावितों को मिल रही प्राथमिक चिकित्सा सुविधा

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में हाल ही में आई बाढ़ से अब तक 27 गांव सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। प्रभावित इलाकों के लोगों में डेंगू, मलेरिया, फंगल इंफेक्शन, आंखों में ड्राइनेस, चकत्ते (रैशिज), एलर्जी सहित कई बीमारियों से पीड़ित मरीज मिलने लगे हैं। वहीं जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इन प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए व्यापक कदम उठाए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रही हैं और घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच अभियान चला रही हैं। अब तक चिन्हित किए गए 27 बाढ़ प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमें सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इनमें से 14 गांवों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन गांवों में विशेष रूप से बसंतपुर, किडावली, लालपुर, महावतपुर, राजपुर कलां, तिलोरी खादर, अमीपुर, चिरसी, मंझावली, चांदपुर, मोठुका, अरुआ, छांयसा, मोहना, ददसिया, जसाना और कांवरा शामिल हैं।
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कर्मचारियों को दिए गए हैं स्पष्ट निर्देश


उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि इन क्षेत्रों में जलभराव और बीमारियों के खतरे को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया गया है। चिकित्सा सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा ने जानकारी दी कि वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की 40 मेडिकल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से तैनात हैं। ये टीमें नियमित रूप से मेडिकल स्क्रीनिंग कर रही हैं, दवाओं का वितरण कर रही हैं और लोगों को स्वच्छता एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के बारे में परामर्श दे रही हैं।

डिप्टी सीएमओ कर रहे लगातार निरीक्षण

डिप्टी सीएमओ डॉ. राम भगत स्वयं प्रभावित गांवों में कैंपों का निरीक्षण कर रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी बनाए हुए हैं। वहीं डॉ. राजेश श्योकंद गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में एक्शन प्लान के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं। ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। गांव अरुआ एवं मोठुका में स्थापित शेल्टर होम्स में विशेष रूप से एनआईवी यूनिट्स नियुक्त की गई हैं, जो वहां रह रहे लोगों की 24x7 निगरानी कर रही हैं।
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सेफ होम में भी मिल रही मेडिकल सुविधा

इसके अलावा राजपुर कलां के सामुदायिक भवन तथा ददसिया, जसाना और कांवरा गांवों के बारात घरों को सेफ होम के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
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