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Faridabad News: स्थायी पार्किंग नहीं होने से बढ़ीं चोरी की वारदात, ढाई साल में 3900 वाहन हुए चोरी

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शहर में 16 लाख से अधिक पंजीकृत वाहन, प्रमुख बाजारों और सरकारी कार्यालयों के बाहर पार्किंग नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में स्थायी पार्किंग की कमी अब वाहन चोरी की प्रमुख वजह बनती जा रही है। मेट्रो स्टेशनों को छोड़ दें तो शहर के अधिकांश प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक क्षेत्रों और सरकारी कार्यालयों के आसपास व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में लोग मजबूरी में अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क किनारे खड़े करते हैं, जिसका फायदा वाहन चोर उठा रहे हैं।

आंकड़ों के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में जिले से करीब 3900 वाहन चोरी हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। वर्ष 2024 में 1676, वर्ष 2025 में 1554 और वर्ष 2026 में अब तक 645 वाहन चोरी के मामले दर्ज हो चुके हैं। अधिकांश वारदातें सड़क किनारे खड़े वाहनों के साथ हुई हैं।
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जानकारी के अनुसार हरियाणा में गुरुग्राम के बाद सबसे अधिक वाहन फरीदाबाद में पंजीकृत हैं। जिले में करीब 16 लाख वाहन हैं, लेकिन उनकी संख्या के अनुरूप पार्किंग सुविधाओं का विकास नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डबुआ मंडी, एनआईटी-1, एनआईटी-5, ओल्ड फरीदाबाद, सराय ख्वाजा, बल्लभगढ़ और जवाहर कॉलोनी गुरुद्वारा रोड जैसे व्यस्त बाजारों में प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पार्किंग नहीं होने के कारण सड़क किनारे वाहन खड़े करना मजबूरी बन जाता है। वर्तमान में नियमित पार्किंग की सुविधा मुख्य रूप से मेट्रो स्टेशनों पर ही उपलब्ध है। इसके अलावा सेक्टर-12 लघु सचिवालय के बाहर निजी स्तर पर अस्थायी पार्किंग संचालित की जा रही है। वहीं ओल्ड फरीदाबाद में निर्माणाधीन चार मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण अंतिम चरण में है और जल्द इसका ट्रायल शुरू होने की संभावना है। लोगों का मानना है कि ऐसी पार्किंग परियोजनाओं की संख्या बढ़ने से सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग कम होगी और चोरी की घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
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हालांकि फरीदाबाद पुलिस का दावा है कि वाहन चोरी की घटनाओं में पहले की तुलना में कमी आई है और लगातार कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024 में वाहन चोरी के 576 मामलों का खुलासा कर 828 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2025 में 525 मामलों का खुलासा करते हुए 612 आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 175 मामलों का खुलासा कर 302 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस प्रकार पिछले ढाई वर्षों में कुल 1750 वाहन चोरों की गिरफ्तारी की गई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी पार्किंग व्यवस्था विकसित किए बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा।
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