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Faridabad News: सीमेंट से लगाए गए पत्थरों को उखाड़ कर चूने से लगाया जाएगा धौलपुर का पत्थर

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एक करोड़ 8 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है रानी की छतरी का जीर्णोद्धार
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संवाद न्यूज एजेंसी

बल्लभगढ़। नेशनल हाईवे स्थित एम्स शाखा के अंदर ऐतिहासिक धरोहर रानी की छतरी बनी हुई है। जिसका अब मानव संसाधन विकास केंद्र की ओर से जीर्णोद्धार किया जा रहा है। छतों पर धौलपुर से आए पत्थरों को चूने से लगाया जाएगा।
चूने से लगे हुए पत्थर कई सालों तक खराब नहीं होते हैं। इसलिए पुराने जमाने की जो भी इमारत जिले में बनी हुई हैं, उनमें चूने से ही कार्य किया हुआ है। यह जीर्णोद्धार एक करोड़ 8 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसका जीर्णोद्धार करने के लिए दिल्ली की मनन कंपनी को दिया गया। बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह की रानी के स्नान और पूजा के लिए बनाई गई रानी की छतरी एक अदभुत वास्तुकला का एक नमूना है। बल्लभगढ़ सरकारी अस्पताल और राष्ट्रीय राजमार्ग के पास छतरी और शाही तालाब के विकास पर फरीदाबाद नगर निगम की ओर से करीब डेढ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जिसमें छतरी को उसके रूप में तराशा गया और शाही तालाब को भी अच्छा बनाया गया। इसके अलावा तालाब के चारों ओर स्टील की ग्रील आदि भी लगाई गई।
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सीमेंट से लगाए पत्थरों को उखाड़ा गया
रानी की छतरी का जीर्णोद्धार करने वाले ठेकेदार ने बताया कि पहले छतरी के अंदर जो फ्लोरिंग पर पत्थरों को लगाया गया था वह सीमेंट के जरिए लगाया गया था जोकि कुछ समय के बाद टूटने लगे। इसके अलावा छतरी का प्लास्टर भी जगह जगह टूटने लगा। उनकी ओर से अब सारे पत्थरों को उखाड़ लिया है। अब चूने के जरिए लाल रंग की इर्ट्स को लगाया जा रहा है। जैसे की पहले जमाने में ईटों की फ्लोरिंग होती थी, उसी तरीके से किया जा रहा है। रानी की छतरी और शाही तालाब को सुंदर बनाकर पर्यटकों के अनुकूल बनाने के लिए पुरातत्व विभाग ने एचआरडीसी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। एचआरडीसी के अधिकारियों की मानें तो रानी की छतरी में फ्लोरिंग का काम किया जाना है। उन पत्थरों को लगाने के लिए कारीगर राजस्थान से आए हैं। इस कार्य को पूरा करने में 4 महीने का समय लगेगा।
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