पोस्टमार्टम से पहले दर्ज कराना चाहते थे हत्या का केस
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पुलिस की हिरासत में युवक की मौत मामले में मृतक शैकुल के परिजन ग्रामीणों व विधायक सहित बीके अस्पताल के पास धरना-प्रदर्शन करते रहे। परिजनों के अलावा नूंह के विधायक आफताब अहमद और राजस्थान स्थित अलवर के विधायक शेख मोहम्मद भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए।
सभी पोस्टमार्टम से पहले आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। इस दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। परिजनों का कहना था कि पैसों के लिए पुलिस ने शैकुल की हत्या कर दी। शैकुल को छोड़ने की एवज में पैसे भी ले लिए और उसकी हत्या कर दी गई। मामले की गंभीरता को देख डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादयान की अगुआई में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकांश थानों की पुलिस को बीके अस्पताल के बाहर लगाया गया। सुरक्षा के लिहाज से बीके अस्पताल की ओर जाने वाले रास्तों पर रस्सी और बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया था। काफी पूछताछ के बाद पैदल चलने वालों को भी बीके की ओर जाने दिया जा रहा था। वाहन चालकों को काफी पूछताछ की जा रही थी। इससे अस्पताल उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर करीब दो बजे डीसीपी एनआईट नरेन्द्र कादयान धरने पर बैठे लोगों से बातचीत करने आए। उन्होंने मामले की मजिस्ट्रेट जांच चलने की बात कही और कहा जो भी रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। धरने पर बैठे लोग इस बात पर अड़े रहे कि पहले पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज हो उसके बाद ही कोई बात सुनेंगे। मामला दर्ज करने के आश्वासन के बाद लोग मानें और पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए।
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चार माह पहले हुई शादी, पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था मृतक
धरने पर बैठे परिजनों ने बताया चार माह पहले ही उसकी शादी हुई थी। शैकुल ने बीए तक पढ़ाई की थी। वह राजस्थान पुलिस में एसआई भर्ती की तैयारी कर रहा था। पुलिस भर्ती की परीक्षा भी दी थी। दो बार पुलिस भर्ती में शारीरिक पात्रता पूरी करने वाले को पुलिस बीमार बता रही है। दावा है वह बीमार नहीं, काफी स्वस्थ था।