छह महीने में दो हजार महिलाएं हाई ब्लड प्रेशर और खून की कमी से पाई गईं पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले की 30 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं हाई ब्लड प्रेशर और खून की कमी से जूझ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने छह महीनों के अंतराल में साढ़े छह हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच की। इसमें लगभग दो हजार महिलाएं हाई ब्लड प्रेशर और खून की कमी से पीड़ित पाई गईं। डॉक्टरों की माने तो पहले यह संख्या कम थी लेकिन अब बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से हर महीने गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए लगाए जाने वाले शिविरों की रिपोर्ट सामने आई है जिसमें यह खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत महीने की 9, 10 और 23 तारीख को शिविर लगाए जाते हैं। इसका उद्देश्य शिशु एवं मातृत्व मृत्यु दर को शून्य करना है। इसमें गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य आवश्यक जांच की जाती हैं। अब तक साढ़े छह हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं इन शिविर का लाभ उठा चुकी हैं।
इस समस्या के कारण इसका प्रभाव गर्भ में शिशु पर पड़ रहा है। शिशु को संपूर्ण पोषण नहीं मिल पाता है जिससे शिशु का वजन भी कम रहता है और उसके विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में शिशु की मौत का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रसव के दौरान अधिक रक्त बह जाता है। इसके अलावा गर्भ में विकसित हो रहा भ्रूण पर्याप्त आयरन, विटामिन बी- 12 और फोलिक एसिड पाने के लिए मां पर निर्भर होता है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान व्यायाम जरूर करना चाहिए। स्त्री रोग विशेषज्ञ के संपर्क में रहना चाहिए।
उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना मिश्रा ने बताया इस अभियान के तहत महीने में तीन बार शिविर लगाए जाते हैं। इसमें उन क्षेत्रों में भी शिविर लगाए जाते हैं जहां स्वास्थ्य विभाग की पहुंच मुश्किल होती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य जच्चा बच्चा की मृत्यु दर को शून्य करना है।