संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत 5150 वर्ष पहले जितने प्रासंगिक थे, उतने ही आज भी हैं। महाराजा अग्रसेन ने ईंट-रुपये के माध्यम से समाज में समानता का संदेश दिया और पशु बलि का विरोध कर जीव मात्र के प्रति दया का सिद्धांत प्रस्तुत किया। यह विचार हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अग्रवाल समिति की ओर से आयोजित महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह में व्यक्त किए।
समारोह का आयोजन अग्रवाल धर्मशाला में हुआ। समिति के अध्यक्ष जितेंद्र सिंगला एडवोकेट, उपाध्यक्ष विजय मंगला, महासचिव लोकेश अग्रवाल, राजू मित्तल और सुमित मंगला ने पटका पहनाकर तथा स्मृति चिह्न भेंटकर विपुल गोयल का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन समिति के प्रवक्ता ललित गोयल ने किया।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की नाटिका, कनिष्क अग्रवाल सम्मानित
स्नेह शिशु विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने राकेश गुप्ता के निर्देशन में रानी लक्ष्मीबाई और महाराजा अग्रसेन पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की। हाल ही में यूपीएससी में 72वीं रैंक हासिल करने वाले फरीदाबाद के कनिष्क अग्रवाल को समिति की ओर से स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। समारोह में समिति की महिला विंग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वीर रस, हास्य और सामाजिक व्यंग्य से गूंजा कवि सम्मेलन
जयंती समारोह के तहत कवि सम्मेलन भी आयोजित हुआ। सुल्तानपुर से आईं कवयित्री प्रीति पांडे ने सैनिक की पत्नी की भावनाओं को व्यक्त किया। वहीं जयपुर से आए वीर रस के कवि शहनाज हिंदुस्तानी ने सैनिक के बलिदान और देशभक्ति का चित्रण किया। हास्य कवि विनोद राजयोगी ने नेताओं पर व्यंग्य किया। हास्य कवि पार्थ नवीन ने नेताओं की कुर्सी के प्रति लालसा पर चुटकी ली। वहीं, काशी से आए दमदार बनारसी ने सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स पाने की होड़ पर व्यंग्य किया। कवि सम्मेलन में निकहत मुरादाबादी, मोहित शौर्य, मनीषा सक्सेना और बाल कवयित्री सानवी जैन ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का संचालन कोटा से आए आदित्य जैन ने किया।